Yuva Haryana : इसे पशुपालकों का दुर्भाग्य कहें या जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण सरकार द्वारा जोर-शोर से शुरू की गई मोबाइल वेटनरी यूनिट योजना हरियाणा में पिछले एक साल से ठप पड़ी है।
दरअसल, एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2024 से वेटनरी यूनिट को दवाएं ही नहीं मिल रही है, जिसके चलते पशुपालकों को घर बैठे पशु चिकित्सा सेवा देने के सरकार के दावे फेल है।
सिस्टम की इस बड़ी कमी के चलते पशुपालकों को न केवल खुद दवा खरीदनी पड़ रही है, बल्कि उन्हें एक हजार रुपए तक का अतिरिक्त खर्च भी झेलना पड़ रहा है।
खबर में ये भी बताया गया है कि प्रदेशभर में करीब 70 मोबाइल यूनिटों में एक साल से दवाएं नहीं है, इसके चलते पशुपालकों ने इनसे दूरी बनानी शुरू कर दी है।
पहले जहां इस यूनिट से प्रतिदिन 15 से 20 पशुओं के इलाज होते थे, जो अब घटकर केवल 5-10 ही रह गए है।
आपको बता दें कि साल 2024 के शुरुआत फरवरी में प्रदेशभर में 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट सेवाएं शुरू की गई थी। इस यूनिट के माध्यम से 30 किलोमीटर के दायरे में पशुपालकों को एक कॉल पर घर बैठे पशुओं का इलाज देने का दावा किया गया था।
लेकिन बड़ी बात ये है कि अक्टूबर 2024 के बाद से एचएलडीबी पंचकुला से इन मोबाइल यूनिट्स को पशुओं के इलाज की जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई। ऐसे में पशुओं का इलाज बिना दवाई अधूरा है।



