चंडीगढ़, 18 नवंबर। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने में हरियाणा की भूमिका बेहद अहम रहेगी। राज्य सरकार ने इस दिशा में एक व्यापक औद्योगिक विकास रोडमैप तैयार किया है, जिसमें उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और एचएसआईआईडीसी को केंद्रीय भूमिका दी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का औद्योगिक परिदृश्य अब नई ऊर्जा, नई सोच और नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है।
10 नई IMT—हरियाणा के औद्योगिक भविष्य की रीढ़
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा बजट भाषण में घोषित 10 नई इंडस्ट्रीय मॉडल टाउनशिप (IMT) हरियाणा के औद्योगिक भविष्य की रीढ़ साबित होंगी। इन दस में से पांच IMT को मंजूरी पहले ही मिल चुकी है, जबकि बाकी पांच की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी भू-मालिकों से नियमित संवाद स्थापित करें और उन्हें ई-भूमि पोर्टल पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करें। यह प्रणाली किसान को अपनी भूमि का मूल्य स्वयं निर्धारित करने और सरकार तक जानकारी सीधे पहुंचाने की सुविधा देती है, जिससे भूमि से संबंधित किसी भी प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

सोहना में 1,000 एकड़ की ग्लोबल सिटी—भविष्य का आर्थिक केंद्र
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सोहना के निकट 1,000 एकड़ में ग्लोबल सिटी विकसित कर रही है, जो न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल परियोजना साबित होगी। इस शहर में आधुनिक सड़क नेटवर्क, पेयजल और सीवरेज प्रणाली, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, ऊर्जा प्रबंधन और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
दो लाख आबादी की आवासीय क्षमता और पाँच लाख रोजगार के अवसर
राव नरबीर सिंह ने बताया कि ग्लोबल सिटी में लगभग दो लाख लोगों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक नया, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहरी क्षेत्र विकसित होगा। इसके साथ ही इस परियोजना से पाँच लाख से अधिक रोजगार अवसर पैदा होंगे, जिससे न केवल युवाओं को लाभ होगा बल्कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा का संचार होगा। सभी आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियां और अनुमतियां केंद्र एवं राज्य सरकार से शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
गुरुग्राम—फरीदाबाद—नूंह: औद्योगिक और निवेश का उभरता त्रिकोण
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह जिले अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अत्यधिक संभावनाओं वाले क्षेत्र हैं। दिल्ली की निकटता, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की उपलब्धता और उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट के निकट होने के कारण यह क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का यह संपूर्ण क्षेत्र ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के मानकों पर लगातार आगे बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में और अधिक निवेश आकर्षित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना में गुरुग्राम राज्य का औद्योगिक सिरमौर बनेगा।

जापान दौरे के परिणाम—5,000 करोड़ के MoU, उद्योगों को नई दिशा
उद्योग मंत्री ने बताया कि हाल ही में जापान के दौरे में जापानी कंपनियों ने लगभग 5,000 करोड़ रुपये के MoU मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में साइन किए। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियां विश्वसनीयता और समय पर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री की इच्छा है कि प्रस्तावित 10 नई IMT में से एक IMT का विकास जापानी कंपनियों के सहयोग से किया जाए, जिससे हरियाणा को तकनीकी विशेषज्ञता, गुणवत्ता और वैश्विक औद्योगिक मानकों का लाभ मिलेगा।
KMP एक्सप्रेसवे—दोनों ओर विकसित होंगे पांच नए शहर
राव नरबीर सिंह ने कहा कि कुंडली–मानेसर–पालवल (KMP) एक्सप्रेस वे एचएसआईआईडीसी की सबसे महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों में से एक है। वर्ष 2041 की प्रस्तावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पाँच नए आधुनिक शहर विकसित करने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन पहले ही किया जा चुका है और अब इन नए शहरों के लिए भूमि, ज़ोनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। ये शहर भविष्य के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में उभरेंगे।
हरियाणा औद्योगिक विकास की नई ऊंचाई की ओर
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि उद्योगों को सर्वोत्तम सुविधा, तेजी से अनुमतियां और उत्कृष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में हरियाणा देश के सबसे उन्नत और प्रगतिशील औद्योगिक राज्यों में अग्रणी स्थान हासिल करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचएसआईआईडीसी का जिस उद्देश्य के साथ गठन किया गया था वह उसी दिशा में कार्य करे इसका मुख्य कार्य अपनी संपदाओं के माध्यम से निवेशकों को सहुलियत प्रदान कर औद्योगिक विकास सहयोग दें, न की अपनी संपदाओं से लाभ अर्जित करने पर जोर दें।



