Yuva Haryana : हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दरअसल, अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस मामले की जांच प्रक्रिया कर्मचारियों के बाद अब अधिकारियों तक पहुंच गई है। पूरन कुमार के आत्महत्या स्थान से मिले फाइनल नोट में नामित 15 आईपीएस और आईएएस अधिकारियों में से अब तक 11 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
एक खास बात ये भी है कि हरियाणा के पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से हटाने के साथ ही उनके खिलाफ भी इस मामले में जांच तेज हो गई है। हाल ही में 14 दिसंबर को ही छुट्टी पर चल रहे शत्रुजीत को डीजीपी के पद से हटा दिया गया था।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार ने एसआईटी ने चंडीगढ़ में पुलिस मुख्यालय तलब करके शत्रुजीत कपूर सहित 11 अधिकारियों से पूछताछ की है।
अब बचे चार अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं, जिन्हें एसआईटी ने नोटिस जारी कर तलब किया है।
एसआईटी ने पूर्व एसपी नरेंद्र बिजराणियां के बयान अभी नहीं लिए है। जानकारी के अनुसार उन्हें भी जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उनके बाद हरियाणा के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी तलब किया जा सकता है।
आपको बता दें कि वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के समय शत्रुजीत कपूर हरियाणा के डीजीपी थे। वाई पूरन का परिवार लगातार शत्रुजीत और बिजराणियां की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था। जिसके बाद हरियाणा सरकार ने शत्रुजीत को छुट्टी पर भेजते हुए ओपी सिंह को कार्यवाहक डीजीपी की कमान सौंपी थी।
एसआईटी अभी तक 11 अधिकारियों के बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने इन सभी को नोटिस जारी कर ही तलब किया था।
पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 15 अधिकारियों का जिक्र किया था और इनमें 11 अधिकारियों पर गंभीर रूप से परेशान करने के आरोप लगाए थे।



