Yuva Haryana : देश में सड़क हादसों को रोकने और मुसाफिरों की जान बचाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नया कदम उठाया है। अब अगर किसी हाईवे के एक ही हिस्से पर साल में एक से ज्यादा हादसे होते है तो उस सड़क के ठेकेदार को भारी जुर्माना की मार पड़ेगी।
दरअसल, सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को रोकने के लिए राजमार्ग मंत्रालय ने बनाओ-चलाओ-हस्तांतरित करो (बीओटी) मॉडल के तहत बने राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए नया नियम बनाया है।
नए नियम क्या ?
- राजमार्ग के किसी सेक्शन पर यदि एक साल में एक से अधिक दुर्घटनाएं होती है तो इसकी जिम्मेदारी ठेकेदारों की होगी
- नियम के तहत दंडित होंगे ठेकेदार, लगेगा जुर्माना
- हाईवे पर लिखे होंगे ठेकेदारों के नाम, पते और मोबाइल नंबर
- हाईवे के निर्माण की निगरानी करने वाले अधिकारियों का नाम भी बोर्ड पर लिखा होगा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के बीओटी दस्तावेज में संशोधन के तहत अब ठेकेदारों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे हाईवे पर लोगों के लिए सुरक्षित सड़क का प्रबंधन करें। अगर उनके द्वारा बनाए गए किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के किसी भी सेक्शन पर निर्धारित अवधि में एक से अधिक दुर्घटनाएं होती है तो ठेकेदार को न सिर्फ इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी, बल्कि सुधारात्मक कदम भी उठाने पड़ेंगे।
जुर्माने का प्रावधान
- हाईवे के 500 मीटर में एक से अधिक दुर्घटनाएं होती है तो ठेकेदार पर 25 लाख रुपए का जुर्माना
- अगले साल फिर से दुर्घटना होने पर यह जुर्माना बढ़कर 50 लाख रुपए
आपको बता दें कि मंत्रालय ने दुर्घटना की आशंका वाले 3500 क्षेत्रों की पहचान की है। पहले इन क्षेत्रों को सुधारने पर जोर दिया जाएगा ताकि हादसों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा सके।
यह जानकारी भी सामने आ रही है कि पिछले दिनों कई राजमार्गों और एक्सप्रेस वे के निर्माण में खामियां दिखी गई थी, जिसके बाद राजमार्ग मंत्रालय सजग हुआ है।



