Yuva Haryana : हरियाणा के सूरजकुंड मेले में झूला टूटने के कारण एक पुलिस अधिकारी की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद हरियाणा सरकार ने मेलों में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए नया कदम उठाने का फैसला लिया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड हादसे के तीन दिन बाद घोषणा की है कि सरकार झूला सेफ्टी पॉलिसी बनाएगी, जो कि देश में इस तरह की पहली नीति होगी। इस नीति का उद्देश्य झूलों और मनोरंजन साधनों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सीएम ने कहा कि भविष्य में कभी ऐसी घटना न हो, इसके लिए सरकार ठोस कदम उठाने जा रही है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार नई नीति के तहत मोलों में झूले लगाने से लेकर उनकी सुरक्षा के मानक निर्धारित किए जाएंगे। अगर कोई हादसा होता है तो झूला मालिकों की जवाबदेही तय की जाएगी। इतना ही नहीं अनुमति देने वाले अधिकारियों को भी इस नई नीति का हिस्सा बनाया जा सकता है।
नई पॉलिसी में फिटनेस प्रमाण पत्र, सीसीटीवी कैमरों, झूलों के सुरक्षा उपकरणों की जांच आदि को शामिल किया जा सकता है।
आपको ये भी जानकारी बता दें कि सूरजकुंड मेले में सभी झूले मंगलवार को बंद रहे। वहीं हादसे की जांच के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। फरीदाबाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए हिमाचल प्रदेश के नाहन भी गई।
पुलिस ने गिरफ्तार झूला संचालक मोहम्मद शाकिर के गांव में जांच की। इतना ही नहीं मेले की अनुमति को लेकर भी जांच की जा रही है। झूले के पैनल बॉक्स और टूटे नट-बोल्ट पुलिस ने कब्जे में ले लिए है।
वहीं पुलिस रिमांड के दौरान ये जानकारी सामने आई है कि संचालक मोहम्मद शाकिर ने झूले का ठेका लेकर यूपी निवासी नितेश को दे दिय़ा था और उसने आगे शुभम गुप्ता को ट्रांसफर कर दिया था। पुलिस ने नितेश को भी गिरफ्तार कर लिया है और वहीं शुभम गुप्ता से पूछताछ की जाएगी।
एक प्रमुख समाचार पत्र ने ये भी दावा किया है कि एनओसी के बिना ही सूरजकुंड मेले में झूले चल रहे थे, जो कि प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। जानकारी के अनुसार झूला लगाने के लिए ठेकेदार ने जिला प्रशासन से एनओसी नहीं ली थी।



