Yuva Haryana : देशभर में चर्चा में रहा हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के हाई प्रोफाइल मामले को एक महीना पूरा हो गया है। फिलहाल, इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम कर रही है।
एक प्रमुख अखबार ने चंडीगढ़ पुलिस की जांच पर बड़े सवाल उठाए है और जांच को कछुआ चाल बताया है। साथ ही जांच संबंधित बताया गया है कि पुलिस अभी तक सुसाइड नोट के अनुसार हुई एफआईआर में शामिल हरियाणा कैडर के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के बयान तक नहीं दर्ज कर सकी है।
एक महीने बाद भी एसआईटी ने प्रताड़ना के आरोपों वाले अधिकारियों से पूछताछ शुरू नहीं की है। जांच गनमैन पर केंद्रित है और एसआईटी ने कुछ कर्मचारियों के बयान लिए हैं। पूरन कुमार ने सुसाइड नोट में बड़े अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
एसआईटी अब तक इस मामले से जुड़े 12 लोगों से बयान दर्ज किए हैं, जिनमें अधिकतर कम रैंक कर्मचारी शामिल हैं।
इस बीच इस मामले से जुड़ी एक बड़ी खबर यह भी है कि एक महीने बाद हरियाणा के नए डीजीपी ओपी सिंह ने पूरन कुमार सुसाइड केस पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विभाग ने इस घटना से सबक लिया है, लेकिन पुलिस को अपराध के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी।
आपको यह भी बता दें कि इस मामले में वाई पूरन की पत्नी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार का चंडीगढ़ सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास प्रशासनिक और केंद्रीय राजनेताओं का केंद्र बन गया था।
दिवंगत आईपीएस पूरन की पत्नी अमनीत के सरकारी दौरे से चंडीगढ़ लौटने पर शव का पोस्टमार्टम और संस्कार न करने के दबाव में चंडीगढ़ पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर रातों रात डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजराणिया सहित तकरीबन 14 अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर ली थी।
अमनीत के एतराज जताने पर पुलिस ने एफआईआर में एससी-एसटी की धाराओं में संशोधन भी कर दिया। इसके बाद आईजी पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित की गई।
हालांकि, शव का पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी के लिए चंडीगढ़ पुलिस को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। कोर्ट के आदेश और चंडीगढ़ पुलिस के त्वरित कार्रवाई के आश्वासन पर अमनीत ने पति पूरन के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी। इसके बाद परिवार की ओर से शव का पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराया गया।
लेकिन अब बड़ा सवाल यही है कि इस बड़े मामले की जांच अचानक इतनी धीरे क्यूं कर दी गई है ?



