Yuva Haryana :हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर और एक हरियाणवी म्यूजिक कंपनी का मालिक राव इंद्रजीत यादव फिर सुर्खियों में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंद्रजीत की काली कमाई पर बड़ा प्रहार किया है।
ईडी ने इंद्रजीत यादव के रोहतक, गुरुग्राम और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापेमारी करके करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा किया है। ये बड़ी कार्रवाई इंद्रजीत और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार की गई।
इस दौरान ईडी ने पांच लग्जरी कारें, 17 लाख कैश, बैंक लॉकर, डिजिटल डिवाइस और अनेक अहम दस्तावेज जब्त किए है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत अवैध वसूली, जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के दम पर फिरौती जैसी अनेक आपराधिक घटनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की काली कमाई की है और अब इस कमाई को कंपनियों, फर्जी लेनदेन और मनी ट्रेल के जरिए वैध दिखाने की साजिश की जा रही है।
इंद्रजीत पर आरोप है कि वह हत्या, रंगदारी, धोखाधड़ी, जमीन कब्जाने और अन्य संगीन अपराधों में लंबे समय से जुड़ा हुआ है। इंद्रजीत पर फाइनेंसरों के विवाद सुलझाने के नाम पर मोटा कमीशन लेने का आरोप भी है। आरोप ये भी है कि इंद्रजीत ने अपराध की कमाई से परिवार के सदस्यों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी थी।
इससे पहले इंद्रजीत तब चर्चा में आया जब एएसआई संदीप लाठर ने इसी इंद्रजीत का नाम लेकर वरिष्ठ अधिकारी वाई पूरन कुमार पर एक एफआईआर से नाम निकालने के बदले 50 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
आपको बता दें कि दिसंबर 2024 से शुरू हुई हत्या, फायरिंग और रंगदारी की घटनाओं में इंद्रजीत यादव का नाम सामने आया था और ईडी के अनुसार इंद्रजीत आर्थिक अपराधी है, जो विदेश भाग चुका है। यूएई में बैठे इंद्रजीत सिंह को अब हरियाणा पुलिस और ईडी ढूंढ रही है।
साल 2024 में रोहतक के किलोई गांव में फाइनेंसर मंजीत डीघल की हत्या के बाद इंद्रजीत देश छोड़कर भाग गया था। सिंगर फाजिलपुरिया पर फायरिंग और उनके फाइनेंसर की हत्या, एल्विस यादव के घर पर फायरिंग मामले में भी इंद्रजीत का नाम सुर्खियों में आया था।



