Yuva Haryana : दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके में बड़ा खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों ने धमाके से जुड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए बताया है कि आतंकियों ने 32 पुरानी कारों में विस्फोटक लगाकर देश में कई जगहों पर हमले की योजना बनाई थी, जिसमें अयोध्या का राम मंदिर भी शामिल था।
आपको बता दें कि दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे एक से बढ़कर आतंकियों की खतरनाक साजिशों का खुलासा हो रहा है। इससे पहले इस मामले में सिर्फ चार कारों के तार जुड़ रहे थे, लेकिन अब ऐसी रिपोर्ट सामने आई है कि जैश ए मोहम्मद के आतंकी ऐसी कुल 32 कारों को तैयार कर रहे थे, जिनका इस्तेमाल छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद तोड़ने की करीब साढ़े तीन दशक पुरानी घटना का बदला लेने के लिए होना था।
इस आतंकी साजिश के लिए आरोपियों ने 26 लाख रूपए नकद जुटाकर उमर को सौंपे थे। जांच अधिकारियों के अनुसार डॉ अमर नबी और डॉ मजम्मिल के कमरे से डायरी बरामद हुई है। इसमें 8 से 12 नवंबर तक की तारीखें और करीब 25 लोगों के नाम दर्ज थे। ज्यादातर नाम जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद से जुड़े है।
साथ ही जांच में अमोनियम नाइट्रेट की भी पुष्टि हुई है। पुलिस को मौके से जो एक कारतूस और एक खोखा मिला था, वे नौ एमएम के पाए गए। सोमवार को धमाके में इस्तेमाल हुई आई20 कार भी शामिल थी। इनके अलावा एक मारुति सुजुकी ब्रेजा, मारुति स्विफ्ट डिजायर और एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद भी हो चुकी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आठ संदिग्धों ने चार अलग-अलग जगहों पर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रची थी और इसके लिए चार शहरों में दो-दो लोग भेजने का इरादा था। इनके पास से कई आईईडी रखे जाने थे, ताकि एक ही समय पर कई धमाके किए जा सके।
यह भी जानकारी सामने आई है कि हरियाणा के फरीदाबाद से और भी पुरानी कारों का जुगाड़ किया जा रहा था। इन सभी कारों का इस्तेमाल छह दिसंबर को अयोध्या में हुई बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए होना था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमलों के लिए जिन जगहों को निशाना बनाने के लिए चुना गया था, उनमें छह दिल्ली में हैं।
वहीं दिल्ली पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया है कि कार धमाका करने वाला डॉ उमर ही था। विस्फोट के बाद उमर का पैर कार के स्टीयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंस गया था। इस पैस के डीएनए सैंपल का उमर की मां के सैंपल से पूरी तरह मिलान हुआ है। इससे यह तय हो गया है कि जब कार मे विस्फोट हुआ तब उमर ही गाड़ी चला रहा था।
जांच में ये भी सामने आया है कि गुरुग्राम, नूंह और नजदीकी इलाकों से करीब तीन लाख रूपए से 20 क्विंटल से अधिक एनपीके उर्वरक खरीदा गया था। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम के इस मिश्रण का इस्तेमाल आईईडी बनाने में होता है। डॉ मुजम्मिल को एनपीके बेचने वाले पिनग्वां के खाद विक्रेता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अधिक मुनाफे के लालच में उसने तीन सौ किलो आमोनियम नाइट्रेट की भी सप्लाई की थी।
आपको बता दें कि दिल्ली कार बलास्ट में मृतकों की संख्या 13 हो गई है। गंभीर रूप से घायल एक और शख्स ने वीरवार को दम तोड़ दिया।



