Yuva Haryana : हरियाणा में अब पालतू जानवरों को खुला छोड़ना, सड़क पर पशु बांधने जैसे छोटे-छोटे अपराधों के चलते किसी को न तो एफआईआर का सामना करना पड़ेगा और न ही बार-बार कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे।
अब इन छोटे अपराधों के चलते लोगों को न ही जेल भेजा जाएगा। पहली बार गलती करने वाले व्यक्ति को सिर्फ चेतावनी या सलाह दी जाएगी। गलती दोहराने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
दरअसल, हरियाणा सरकार ने जन विश्वास अध्यादेश लागू किया है और इसके तहत अब अनेक मामूली उल्लंघनों पर सिर्फ जुर्मानें का ही प्रावधान किया गया है।
हरियाणा सरकार ने इस अध्यादेश को लागू करते हुए 7 विभागों के 42 कानूनों के 164 प्रावधानों में बदलाव किया है। नगर निकाय नियमों, सफाईकर्मी की अनुपस्थिति, पालतू जानवरों को खुला छोड़ना आदि पर 500 से 5000 तक का जुर्माना तय किया गया है।
अनेक ऐसे मामलों में राहत प्रदान की गई है। हालांकि, इन छोटे अपराधों पर जुर्माना 500 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक होगा।
हरियाणा सरकार की कैबिनेट और राज्यपाल द्वारा मंजूरी के बाद जन विश्वास अध्यादेश की नोटिफिकेशन जारी हो गई है।
ऐसे छोटे अपराधों पर लगेगा इतना जुर्माना
- सार्वजनिक जगह पर कपड़े धोना, नगरपालिका के आदेशों की पालना न करना, बिना अनुमति बाजार में बिक्री करने पर 500 रुपए जुर्माना
- पानी की पाइप तोड़ने और पानी को गंदा करने पर 500 रुपये का जुर्माना
- पालतू कुत्तों को खुला छोड़ने, सड़क पर पशु बांधने और दूध निकालने पर 500 रुपये का जुर्माना
- अगर कोई सफाई कर्मचारी बिना किसी को जानकारी दिए अनुपस्थित होता है तो उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना
- बिना इजाजत पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, गैस सिलेंडर, पेंट या अन्य ज्वलनशील पदार्थ का अनुचित भंडारण करने पर पांच हजार रूपए का जुर्माना
- नहर पार करने या उसकी दीवार तोड़ने पर 1000 रुपए का जुर्माना, दोबारा यही काम करने पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना
- अपराधी को भगाने में मदद और तलाशी में बाधा डालने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना
- सूर्यास्त के बाद लकड़ी बेचने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना और दोहराने पर एक लाख रुपए का जुर्माना
- सर्व चिन्ह को नुकसान पहुंचाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना
- खेत मालिक द्वारा पानी रोकने पर 20 हजार रुपए का जुर्माना
- गन्ना खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी करने पर 25 से 50 हजार रुपए तक जुर्माना
आपको बता दें कि सरकार ने ऐसे अनेक अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया है, ताकि छोटे उल्लंघनों पर जेल की जगह चेतावनी या जुर्माना देकर ही निपटारा किया जा सके। अगर कोई इस नियम को बार-बार तोड़ता है तो उस पर डबल जुर्माना लगाया जाएगा।



