Yuva Haryana : हरियाणा में विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने महिलाओं को प्रति माह 2100 रुपए देने का वादा किया था। वादे के मुताबिक भाजपा सरकार इस योजना को धरातल पर उतारने में लगी हुई है और जल्द ही महिलाओं के खाते में 2100 रुपए डाले जाएंगे।
इस बीच खबर यह आ रही है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान इस योजना से जुड़ने के लिए महिलाएं पीछे हट रही है। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के अनुसार महिलाओं को गुलाबी और पीले राशन कार्ड कटने का डर सता रहा है।
हालांकि, इस पर सरकार ने चिंता जताते हुए अधिकारियों को 1.40 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को भी योजना के आवेदन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए है।
वहीं दूसरे राज्यों में हरियाणा से जुड़ी महिलाओं को भी आधार कार्ड की समस्या आ रही है। ऐसे में आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
आपको बता दें कि गुलाबी और पीला राशन कार्ड कट जाने के डर से महिलाएं 2100 रुपये मासिक भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन करने में हिचक रही हैं।
दरअसल, दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने एक लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपये मासिक भत्ता देने की घोषणा की है। हरियाणा दिवस पर एक नवंबर को इन महिलाओं को मासिक भत्ते की पहली किस्त दी जानी है।
प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक एक लाख रुपये वार्षिक तक आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, लेकिन 25 अक्टूबर तक सिर्फ 6 लाख 20 हजार महिलाओं ने भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।
इस बीच समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रिड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचना दी कि महिलाओं में गुलाबी व पीले राशन कार्ड कट जाने का डर है।
राशन कार्डों की श्रेणियां
- 25 से 50 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवार – गुलाबी कार्ड
- 50 से 1.80 लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवार – पीले (बीपीएल) कार्ड
- 1.80 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार – हरे (एपीएल) कार्ड
ऐसे में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी है कि महिलाओं में इस बात का डर है कि उनके खातों में 2100-2100 रुपये मासिक आते ही परिवारों की वार्षिक आय 25-25 हजार रुपये बढ़ जाएगी, जिससे वह अंत्योदय परिवारों की सूची से बाहर हो सकते हैं।
महिलाओं द्वारा आवेदन में रुचि नहीं दिखाने का एक बड़ा कारण यह भी है कि दूसरे राज्यों से हरियाणा में ब्याह कर आई महिलाओं से अपने माता-पिता का आधार कार्ड मांगा जा रहा है।
माता-पिता की मृत्यु होने की स्थिति में उनसे मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है। महिलाओं के सामने समस्या यह है कि जब उनका विवाह हुआ था, तब आधार कार्ड नहीं होते थे और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के प्रति भी जागरूकता का अभाव था।
फिलहाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को इन समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए है। साथ ही पंचायत सचिवों और क्रिड में कार्यरत सीपीएलओ को लिस्ट देकर गांवों में भेजा जा रहा है, ताकि वे पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उनके मौके पर ही लाडो लक्ष्मी योजना के तहत आवेदन करा सकें।



