Yuva Haryana : हरियाणा में गांवों के विकास से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दरअसल, आने वाले समय में सरपंचों को टेंडर संबंधित जानकारी उन्हें मोबाइल पर ही मिल जाएगी।
इस बारे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए है। सीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों से संबंधित किसी भी विभाग का यदि टेंडर एचईडब्ल्यू पोर्टल पर जारी होता है, तो उसकी जानकारी संबंधित सरपंचों को एसएमएस के माध्यम से तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
सीएम का मानना है कि इससे ग्रामीण प्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों की सही, समयबद्ध और सटीक जानकारी मिल पाएगी और इससे निगरानी और क्रियान्वयन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इस पोर्टल के माध्यम से जनता को भी टेंडर्स की जानकारी मिलेगी, जिससे कार्यों में और अधिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित विकास एवं पंचायत विभाग की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक भी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और मजबूत करने के लिए निर्धारित सभी योजनाओं को समय से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि जिन पंचायतों की आबादी 1000 से अधिक है, उन गावों की कच्ची फिरनियों को पक्का करना है, ताकि लोगों को आवागमन सुविधा मिल सके। बैठक में सीएम को जानकारी दी गई कि अब तक 639 फिरनियों को पक्का किया जा चुका है, जबकि 303 कार्य प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें बैठक एवं अन्य गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार प्रत्येक गांव में ‘महिला चौपाल’ का निर्माण करवा रही है। पहले चरण में 754 गांवों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 480 महिला चौपालों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 274 चौपालों का कार्य प्रगति पर है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पहले चरण के तहत 994 ई-पुस्तकालयों का नवीनीकरण और फर्नीचर लगाया जा चुका है। इन पुस्तकालयों में जल्द ही पुस्तकें और कंप्यूटर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 415 इनडोर जिम स्थापित किए जा चुके हैं।
इसी तरह से विभिन्न अनुसूचित जातियों के लिए हर जिले में सामुदायिक हॉल के निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहे हैं। अब तक 366 पंचायतों में से 202 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 140 हॉल का निर्माण कार्य जारी है।



