Yuva Haryana : हरियाणा में पुलिस एनकाउंटर का एक मामला खासा गरमाया हुआ है। अब इस मामले में खापों की भी एंट्री हो चुकी है। बड़ी बात ये है कि इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से अलग-अलग पंचायतें की गई और अपने-अपने फैसले लिए गए। यहां तक कि मामला सीएम नायब सैनी के संज्ञान में भी है, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांग उठाकर न्याय की गुहार लगा रहे है।
मामला, झज्जर में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत के भाई पंकज के साथ हुई कथित पुलिस मुठभेड़ का है।
जहां कथित मुठभेड़ में घायल रोहतक जिले के गांव मायना निवासी एएसआई प्रवीन के समर्थन में गांव मायना में एक पंचायत हुई तो वहीं दूसरी ओर झज्जर जिले के गांव डीघल में पंकज के पक्ष में अहलावत खाप के 27 गांवों की पंचायत हुई।
मायना में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि अगर पुलिस ने एएसआई को गोली मारने के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो खाप पंचायत बुलाकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। खाप राजनीतिक दबाव बर्दाश्त नहीं करेगी। तीन दिन का अल्टीमेटम पंचायत द्वारा दिया गया है।
दो घंटे चली इस पंचायत में मायना के लोगों ने कहा कि राजनीतिक दबाव में एएसआई प्रवीण के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। इस मामले को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम नायब सैनी से भी मिला था, लेकिन सीएम के बयान से वे संतुष्ट नजर नहीं आए।
साथ ही मायना गांव के सरपंच का ये भी कहना है कि गांव मायना खुद को डीघल गांव का छोटा भाई मानता है इसलिए भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। इस मामले में डीघल गांव जाकर बातचीत की जाएगी।
उधर, दूसरी तरफ डीघल में अहलावत खाप के 27 गांवों ने पंचायत करके फैसला लिया है कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए। पंचायत ने पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है।
इस महापंचायत में एनकाउंटर में घायल हुए पंकज अहलावत के पिता पूर्व चेयरमैन आनन्द और भाई भाजपा नेता प्रवक्ता प्रदीप अहलावत भी शामिल हुए।
पंकज के पिता आनंद सिंह ने कहा कि हम इतना नहीं झुकेंगे कि हमारा सम्मान चला जाए। पंचायत में पुलिस से पंकज को पंचायत के हवाले करने और गिरफ्तार दो साथियों को छोड़ने की बात कही गई। ऐसे में अगर बात नहीं मानी गई तो एक हफ्ते बाद फिर पंचायत की जाएगी।
अहलावत खाप पंचायत ने यहां तक कहा कि अगर बाद में जरूरत हुई तो खाप अपने हिसाब से पंकज को पेश कर देगी।
पंचायत में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत ने बताया कि पंकज अपने दोस्त संदीप के साथ होटल में खाना खाने गया था, लेकिन वहां बिरधाना गांव के लोगों के साथ झगड़ा हो गया। जैसे ही पंकज वहां से जाने लगा तो एक गाड़ी पीछे लग गई, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि उस गाड़ी में पुलिस है।
इस मामले को लेकर बीजेपी नेता प्रदीप ने सीएम नायब सैनी से भी मुलाकात की है और पूरी जानकारी उनके संज्ञान में डाली है। सीएम ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।



