Yuva Haryana : दक्षिण हरियाणा के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, यहां के लोगों से जुड़ी एक बड़ी रेलवे उम्मीद सिरे चढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में क्षेत्रवासियों का रेल का सपना पूरा होता हुआ दिख रहा है।
एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार वर्षों से फाइलों में अटकी फर्रुखनगर से लोहारू वाया दादरी तोय, झज्जर, चरखी दादरी-बाढ़डा नई रेल लाइन पर केंद्र सरकार ने दोबारा काम करना शुरू कर दिया है। केंद्रीय रेलवे विभाग ने इस बड़ी परियोजना के सर्वे को एक बार फिर से मंजूरी दे दी है।
ऐसे में अब रेलवे द्वारा नई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी डीपीआर नए सिरे से तैयार की जाएगी।
रेलवे बोर्ड द्वारा नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे जयपुर को आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है, जिससे इस परियोजना पर दोबारा काम शुरू होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
पुराने सर्वे का क्या हुआ ?
- इससे पहले साल 2016 के तहत इस रेल लाइन का पुराना सर्वे हुआ था
- कम ट्रैफिक, कम आबादी और आर्थिक संभावनाओं की कमी बताते हुए रेलवे ने पुराने सर्वे को नामंजूर कर दिया
दोबारा सर्वे करवाने के मुख्य कारण जानिए…
- अब हरियाणा का भूगोल, जनसंख्या और औद्योगिक क्षेत्र में खासा बदलाव आया है
- पुराने सर्वे के बाद हरियाणा में नया जिला दादरी बन चुका है
- 152डी एक्सप्रेस के निर्माण के बाद औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ी
- झज्जर में औद्योगिक विकास बढ़ रहा और गुरुग्राम का विस्तार हो रहा
- बहादुरगढ़-दिल्ली पर लगातार औद्योगिक दबाव बढ़ रहा है
- दक्षिण हरियाणा का तेज गति से शहरीकरण होना
- इस रेल लाइन के बनने से लोहारू से आगे राजस्थान, गुजरात तक कनेक्टिविटी का विस्तार होगा
- अब इन तमाम वजहों से इस लाइन का महत्व बढ़ा है
ऐसे में अब पिछले कई सालों से बदली इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने अपना फैसला बदला है और इस रेल लाइन के लिए दोबारा सर्वे करवाने में रुचि दिखाई है। रेलवे मंत्रालय ने सर्वे के लिए दो करोड़ 35 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है। रेलवे द्वारा जारी यह पूरा बजट झज्जर-चरखी दादरी-लोहारू सेक्शन के लिए है।
अब यह रेल बनेगी कब ?
इस सवाल का जवाब तो रेलवे के इस सर्वे पर ही आधारित है, क्योंकि सर्वे से ही पता चलेगा कि इस नए रेल कॉरिडोर को बनाने में कितना पैसा लगेगा और कितना फायदा इस रेल लाइन के बनने से होगा।
जहां तक फायदे की बात है तो आपको यह भी बता दें कि इस रेल लाइन को महज एक स्थानीय मांग के रूप में नहीं देखा जा रहा, क्योंकि रेलवे इसे साउथ हरियाणा इकोनॉमिक रेल कॉरिडोर के रूप में परीक्षण कर रहा है।
ऐसे में यह लाइन मंजूर होती है तो यह मार्ग दिल्ली को सीधे गुजरात के पांच पोर्ट कांडला, मुंद्रा, नवलखी, मांडवी और जखाऊ तक की कनेक्टिविटी देगा और इससे दिल्ली और गुजरात के औद्योगिक रास्ते और सुगम होंगे।
आपको यह भी बता दें कि इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, भिवानी-महेंद्रगढ़ सांसद धर्मबीर सिंह, राज्यसभा सांसद किरण चौधरी सहित कई विधायक, और नेता लंबे समय से प्रयासरत थे।



