Yuva Haryana : हरियाणा में बास्केटबॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हार्दिक राठी की खेल मैदान में हुई मौत के मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया है। दरअसल, हार्दिक के पिता संदीप राठी का कहना है कि उन्हें पैसा नहीं, बल्कि बेटे के लिए इंसाफ चाहिए इसलिए उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई है।
इसके लिए हार्दिक राठी के पिता ने लाखनमाजरा थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने भी पंचायती राज और खेल विभाग के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस कार्रवाई में अभी किसी अधिकारी को नामजद नहीं किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि हार्दिक राठी बास्केटबॉल का राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी था और उसने कई बार राष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से हार्दिक को रखरखाव और अभ्यास के लिए फंड मिलता था। हार्दिक लाखन माजरा के खेल स्टेडियम में अभ्यास करता था और इसका प्रबंधन खेल विभाग और पंचायती राज विभाग की ओर से किया जाता है।
हार्दिक के पिता का कहना है कि स्टेडियम में बास्केटबॉल कोर्ट की मरम्मत की आवश्यकता थी, क्योंकि कोर्ट के बास्केटबॉल पोल जंग खा गए थे। कोर्ट की तत्काल मरम्मत के लिए 7 नवंबर 2023 को सांसद निधि से पंचायती राज विभाग को 12 लाख 30 हजार रुपये का फंड स्वीकृत हुआ था। इसके बावजूद विभाग ने फंड खर्च कर बास्केटबॉल कोर्ट को ठीक नहीं किया गया।
उनका कहना है कि सांसद निधि कोष से पंचायती राज विभाग को 26 जून 2025 को 6,20,000 रुपये फंड मिला, फिर भी कोई कार्य नहीं किया गया। पंचायती राज विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही के कारण 25 नवंबर को बास्केटबॉल का पोल अभ्यास करते समय हार्दिक के सीने पर गिर गया और इसके साथ ही उसकी मौत हो गई।
ऐसे में पुलिस से मांग की गई है कि लाखन माजरा के खेल स्टेडियम के बास्केटबॉल कोर्ट में पोल लगाने वाले ठेकेदार और पोल लगाने की देखरेख करने वाले सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने भी बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि हार्दिक की 25 नवंबर को हुई थी। अब 12 दिन बाद हार्दिक के पिता संदीप ने लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पिता का कहना है कि जवान बेटे की मौत से उस समय होश में नहीं था।



