Yuva Haryana : देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र का वातावरण बेहद खराब हो गया है। वहीं हरियाणा की हवा भी जहरीली हो गई है। केद्रींय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार रोहतक शहर 385 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा है।
इनके अलावा पंचकुला, बहादुरगढ़ की हवा बेहद खराब श्रेणी और सोनीपत, गुरुग्राम, अंबाला की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।
इन तमाम हालातों के देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई और एमसीडी को दिल्ली की सीमाओं पर स्थित 9 टोल प्लाजा अस्थाई रूप से बंद या शिफ्ट करने को कहा है ताकि ट्रैफिक जाम कम हो।
कोर्ट ने वायु प्रदूषण के संकट को हर साल सामने आने वाली समस्या करार दिया और इस खतरे से निपटने के लिए कारगर एवं व्यावहारिक समाधानों का आह्वान किया। कोर्ट ने 12 अगस्त के अपने अंतरिम आदेश में संशोधन किया और अधिकारियों को उन पुराने वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की अनुमति दे दी, जो भारत स्टेज-6 (बीएस-6) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
हालांकि, न्यायालय ने नर्सरी से कक्षा पांच तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद करने के दिल्ली सरकार के निर्देश में दखल देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सर्दी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, ऐसे में इस फैसले में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर वाहनों की भीड़ को कम करने की कोशिश के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया कि वे दिल्ली के प्रवेश बिंदुओं पर स्थित नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित करने पर विचार करें।
पीठ ने खास तौर पर एमसीडी से एक हफ्ते के भीतर इस संबंध में निर्णय लेने को कहा कि क्या यातायात प्रवाह को सुचारु बनाने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने के लिए इन टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है ?
पीठ ने सीएक्यूएम और एनसीआर के शहरों के प्रशासन से शहरी परिवहन, यातायात प्रबंधन और किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दों पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टुकड़ों में किए गए उपायों से संकट का समाधान नहीं होगा।



