Yuva Haryana : हरियाणा के बहादुरगढ़ और रोहतक में खराब खेल व्यवस्था के कारण दो बास्केटबॉल खिलाड़ियों की मौत के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि एक और पोल गिरने का मामला सामने आ गया है। वहीं एक नेता ने दोनों खिलाड़ियों की मौत के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि वे इस मामले को संसद में उठाएंगे।
बहादुरगढ़ में एक बार फिर खेल के मैदान में पोल गिरा है। कुछ दिन पहले ही बहादुरगढ़ में पोल गिरने से एक युवा बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत हो गई थी। अब गांव छारा के राजकीय स्कूल में बने बास्केटबॉल कोर्ट का पोल गिर गया।
हालांकि, अच्छी बात ये रही कि हादसे के समय बच्चे वहां मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर बच्चे वहां खेल रहे होते तो कुछ भी हो सकता था।
रविवार को छारा गांव के लोग एकत्रित हुए और उन्होंने मैदान में दूसरे पोल को भी हटाने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में किसी हादसे की संभावना न रहे।
जानकारी के मुताबिक यह बास्केटबॉल पॉल काफी पुराना बताया जा रहा है और यहां पर लगे पोल अब जर्जर हालत में है।
हैरानी की बात ये भी है कि गांव में नया बास्केटबॉल कोर्ट बना हुआ है, इसके बावजूद भी पुराने जर्जर पोल को प्रशासन द्वारा हटाया नहीं गया।
आपको बता दें कि गांव छारा में बास्केटबॉल खेल खासा क्रेज है। यहां इस खेल की नर्सरी और सरकारी कोच भी हैं। लगातार यहां से नेशनल खिलाड़ी निकल कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे है।
उधर, रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने खिलाड़ी हार्दिक और अमन की मौत का मामला संसद में उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि संसद के सत्र के दौरान वे इस मामले को काम रोको प्रस्ताव लाकर उठाएंगे। दीपेंद्र ने दोनों खिलाड़ियों की मौत के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार की अनदेखी के चलते 11 साल में कोई नया स्टेडियम बनाना तो दूर, मौजूदा स्टेडियमों का रिपेयर तक नहीं करवाया गया।
दीपेंद्र हुड्डा ने यह भी आरोप लगाए कि उनकी तरफ से स्टेडियम की मरम्मत के लिए दिए गए साढ़े 18 लाख रुपए भी नहीं लगने दिए। इस पैसे को सरकार ने फाइलों में उलझाए रखा। ऐसे में लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए और ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।



