Yuva Haryana : भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ केंद्र सरकार अब दूसरे देशों में भी अपनी छाप छोड़ने पर जोर दे रही है। दरअसल, भारत सरकार विदेशों में अपने देश की मेट्रो दौड़ाने के लिए एक भारतीय कंपनी बनाने की योजना पर काम कर रही है।
इस बारे में केंद्रीय आवासन, शहरी एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बड़ा दावा किया है। मनोहर लाल ने अपने मंत्रालय के माध्यम से आमजन की सुविधा और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के उद्देश्य पर केंद्रित तीन बड़ी घोषणाएं की है।
मनोहर ने कहा कि इन तीन योजनाओं के शुरू होने से विकास की नई शुरुआत देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड डीएमआईएल की स्थापना की जाएगी जिसके तहत भारत के अलावा अन्य देशों के लिए यह एजेंसी मेट्रो के विस्तारीकरण की दिशा में काम करेगी।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री गुरुग्राम में आयोजित तीन दिवसीय 18वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ करने उपरान्त सम्बोधित कर रहे थे ।

मनोहर लाल ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि मास रैपिड ट्रांसिट सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसके लिए डीएमआरसी सहयोगी रहेगी। इस सिस्टम से मेट्रो का बेहतर ढंग से एक दूसरे से जुड़ाव होगा और सुरक्षा मानकों व साइबर सिक्योरिटी सिस्टम के साथ आमजन को सुरक्षित यातायात सुविधाएं व सेवाएं कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवा में गुणवत्तापरक सुधार लाने व नए प्रयोग करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल अकादमी का गठन शहरी मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। इसके गठन से तीव्र गति से केपेसिटी बिल्डिंग का काम होगा और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के साथ यह केंद्र मेट्रो सेवा में नवाचार पद्धति के साथ नई दिशा प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में अनेक बड़े कन्वेंशन सेंटर हैं, लेकिन बड़े शहरों में शामिल गुरुग्राम में भी कन्वेंशन सेंटर की जरूरत है, ऐसे में वे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से विचार विमर्श करते हुए यहां भी अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण कन्वेंशन सेंटर बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रहा है। ट्रांसपोर्ट नेटवर्किंग को जोड़ते हुए देश मेक इन इंडिया के सिद्धांत के साथ 2047 को विकसित राष्ट्र के रूप में पहचान दिलाने में अग्रणी रहेगा।
उन्होंने बताया कि भारत आज मेट्रो सेवा प्रदान करने में दुनिया में तीसरे स्थान पर हैं और आने वाले करीब 3 साल में हम अमेरिका को पीछे छोडक़र अग्रणी देशों में शामिल होंगे। नई तकनीक के साथ जनसुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार कार्य कर रही है और इस प्रकार के सम्मेलन के माध्यम से विशेषाज्ञों के सहयोग से नवाचार पद्धाति पर हम काम करेंगे।



