Yuva Haryana : अगस्त और सितंबर महीने में लगातार भारी बारिश के चलते हरियाणा के अनेक जिलों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। पांच महीने के बाद भी सरकारी दावे आज भी अधूरे पड़े नजर आ रहे है।
इतने महीने बीतने के बाद अब भी खेतों में पानी खड़ा है और खरीफ फसल पानी में डूबी हुई है। हम बात कर रहे है हरियाणा के भिवानी जिले की।
बवानी खेड़ा क्षेत्र के किसान आज भी खेतों में जल निकासी नहीं होने के कारण परेशानी का सामना कर रहे है। किसानों का कहना है कि खरीफ की फसल तो डूबी, अब तो रबी की बिजाई की भी आस भी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।
दरअसल, यहां खेतों में आज भी रूई युक्त कपास की फसल खड़ी है। खेतों में पानी भरने के चलते किसान कपास की चुनाई भी नहीं करवा पाए है।
किसानों का यह भी आरोप है कि अब तक तो सरकार की तरफ से उन्हें फसल खराबे का मुआवजा तक नहीं मिला है। किसानों ने अपनी फसल का बीमा भी करवा रखा था, लेकिन मुआवजे के नाम पर उन्हें एक पैसा तक नहीं दिया गया।
खेतों में भारी जलभराव के चलते खरीफ की फसल बर्बाद हो चुकी है और रबी फसल की बिजाई भी नहीं हो पाई है।
बवानीखेड़ा के गांव लोहारी जाटू में हालात इतने खराब है कि जलभराव के कारण किसान अपने खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे है। अभी भी खेतों में दो-दो फुट पानी भरा पड़ा है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में करीब दो हजार एकड़ में अभी भी बरसाती पानी खड़ा है।
किसानों का कहना है कि खरीफ और रबी दोनों सीजन की फसल न होने और अब तक मुआवजा नहीं मिलने के चलते अनेक किसान परिवारों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है।
ऐसे में इन पीड़ित किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि खेतों में से जल्द पानी की निकासी की जाए और गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देकर किसानों के दर्द पर मरहम लगाया जाए।



