Yuva Haryana : हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन की एक बार फिर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। लाठीचार्ज के मामले में हुई जांच में हुए खुलासे के बाद छात्रों ने दोबारा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
दरअसल, एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार एचएयू के छात्रों ने संयुक्त बैठक करके प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ निराशा जाहिर की है। छात्रों का कहना है कि मंडलायुक्त की 28 पन्नों की जांच रिपोर्ट में प्रशासन का छात्र विरोधी चेहरा उजागर हुआ है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है।
ऐसे में छात्रों ने मांग की है कि अगर जल्द सरकार दोषियों को पदों से नहीं हटाती है और छात्रों पर दर्ज झूठे केस वापस नहीं लेती है तो मजबूरन छात्रों को दोबारा बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
एचएयू छात्रों का कहना है कि 30 नवंबर को रिपोर्ट सौंपने के बाद लगभग एक माह का समय गुजर गया है, लेकिन भाजपा सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि जांच में साफ तौर पर सामने आया है कि बिना जरूरत के बेकसूर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इतना ही नहीं घायल छात्रों को समय पर मेडिकल मदद नहीं दी गई और जानबूझकर एक मेडिकल ऑफिसर ने एमएलआर तैयार करने में लापरवाही बरती।
छात्रों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न्याय की बजाय प्रशासन उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है और उन पर नए-नए फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे है ताकि समझौता करने का दबाव बनाया जा सके।
आपको बता दें कि 10 जून, 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में स्कॉलरशिप नीति में बदलाव के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय की ओर जा रहे एचएयू के छात्रों पर बल प्रयोग किया गया था, जिसमें कई विद्यार्थियों को गंभीर चोटें लगी थी।
इसके बाद यह मामला खास चर्चा में रहा था। विद्यार्थी एचएयू में धरने पर बैठ गए थे और बड़े-बड़े राजनेताओं का भी विद्यार्थियों को समर्थन मिला था। यहां तक कि राज्यपाल तक भी यह मामला उठाया गया था।



