Yuva Haryana : देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। खराब वातावरण का आलम यह है कि मंगलवार को कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 400 के पार चला गया।
दिवाली के मौके पर लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पटाखे फोड़ने की मिली छूट का जमकर आनंद उठाया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की आलोचना होनी भी शुरू हो गई है।
दरअसल, 2023 के भारत जी-20 समिट के शेरपा और केंद्र की नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए एक अहम बयान दिया है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से छूट दिए जाने को लेकर सांस लेने के अधिकार को कम तवज्जो दिए जाने की बड़ी बात कही है।
कांत ने एक्स पर एक न्यूज रिपोर्ट का जिक्र करते हुए लिखा है कि-:
“दिल्ली की एयर क्वालिटी खराब है, 36/38 मॉनिटरिंग स्टेशन रेड जोन में आ गए हैं। खास इलाकों में AQI 400 से ऊपर है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपनी समझदारी दिखाते हुए पटाखे जलाने के अधिकार को जीने और सांस लेने के अधिकार से ज्यादा अहमियत दी है। दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानियों में से एक है। अगर लॉस एंजिल्स, बीजिंग और लंदन ऐसा कर सकते हैं, तो दिल्ली क्यों नहीं? सिर्फ बेरहमी से और लगातार कार्रवाई ही दिल्ली को इस हेल्थ और एनवायरनमेंटल तबाही से बचा सकती है”
उन्होंने आगे यह भी कहा:-
“एक साथ काम करने का प्लान बहुत जरूरी है। फसल और बायोमास जलाना बंद करना, थर्मल पावर प्लांट और ईंट भट्ठों को बंद करना या उन्हें क्लीनर टेक से मॉडर्न बनाना, 2030 तक सभी ट्रांसपोर्ट को इलेक्ट्रिक में बदलना, कंस्ट्रक्शन की धूल पर सख्ती से कंट्रोल करना, कचरे को पूरी तरह से अलग करना और प्रोसेस करना, दिल्ली को ग्रीन, पैदल चलने लायक, ट्रांजिट पर फोकस करने वाली जिंदगी के हिसाब से फिर से डिजाइन करना होगा। सिर्फ ऐसे पक्के और लगातार काम करने से ही शहर का नीला आसमान और सांस लेने लायक हवा वापस आ सकती है”
आपको बता दें कि 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में दिवाली पर पटाखे जलाने की सशर्त अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध व्यावहारिक नहीं है, इसलिए दिवाली के मौके पर सिर्फ ग्रीन पटाखे की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 18 से 21 अक्टूबर तक ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। दिवाली से एक दिन पहले और दीवाली के दिन सुबह 6-7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।



