Yuva Haryana : हरियाणा में अब लाइसेंसी रिहायशी प्लॉट वाली कॉलोनियों में भी नर्सिंग होम खोले जा सकते है। इससे संबंधित पॉलिसी को हरियाणा सरकार ने मंजूरी दे दी है।
सरकार के इस फैसले के बाद लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर मेडिकल सुविधाएं मिल सकेंगी। हालांकि, नर्सिंग होम खोलने के लिए कन्वर्जन जार्च जरूर देना पड़ेगा।
पॉलिसी की बड़ी बात
- डॉक्टरों के खुद के नाम पर होना चाहिए प्लॉट
- प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को दी जाएगी मंजूरी
सरकार की नई नीति के तहत मंजूरी केवल उन्हीं डॉक्टरों को दी जाएगी, जिनके नाम पर खुद का प्लॉट है और वह प्रैक्टिस कर रहा हो।
साल 2018 के दिशानिर्देशों में हर 50 एकड़ में 1,000 वर्ग मीटर के दो नर्सिंग होम का प्रावधान है, हाइपर पोटेंशियल जोन में भी रिहायशी प्लॉट वाली कॉलोनियों के लिए एरिया के नियमों को 100 से घटाकर 25 एकड़ करने से आवंटन मुश्किल हो गया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की मांग पर विचार करने और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद हरियाणा कैबिनेट ने मंजूर विकास योजनाओं के अनुसार रिहायशी जोन में लाइसेंसी कॉलोनियों में रिहायशी प्लॉट पर नर्सिंग होम की इजाज़त देने वाली पॉलिसी को मंजूरी दी।
पॉलिसी के नियम जानें
- हाइपर और हाई पोटेंशियल ज़ोन के लिए न्यूनतम प्लॉट का आकार 350 वर्ग गज हो
- मीडियम और लो पोटेंशियल ज़ोन के लिए 250 वर्ग
- सिर्फ़ सेक्टर या मुख्य सड़कों के किनारे सर्विस रोड पर ही इजाज़त
- विशेष रूप से लाइसेंसी प्लॉट वाली कॉलोनियों के रिहायशी प्लॉट पर दी जाएगी इजाज़त
- सेक्टर को बांटने वाली सड़कों से सटी या उनके किनारे वाली सर्विस सड़कों पर सिर्फ़ एक साइट की इजाज़त
- एक सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा चार साइट्स की इजाजत होगी
फीस-शुल्क के बारे में जानें
- हाइपर जोन के लिए 10000 रुपये प्रति वर्ग गज
- हाई जोन के लिए 8000 रुपये प्रति वर्ग गज
- मीडियम जोन के लिए 6000 रुपये प्रति वर्ग गज
- लो जोन के लिए 4000 रुपये प्रति वर्ग गज
- इनके अलावा और कोई फीस नहीं लेगेगी
इसके अलावा हरियाणा सरकार ने नगर एवं आयोजन विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं निनियम नियमों में स्क्रूटनी फीस, लाइसेंस फीस, विकास शुल्क, अवसंरचना संवर्धन शुल्क और आईएसी-टीओडी में संशोधन किया गया है।
सरकार के इस फैसले से राजस्व में 22 से 25 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। इसका आर्थिक बोझ डेवलपर्स के माध्यम से आम जनता पर पड़ने की संभावना है।
वहीं हरियाणा सरकार ने निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाली मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के लिए सीएलयू व एनओसी से छूट का प्रावधान किया है।
अब 10 एकड़ पर औद्योगिक इकाई वाले कम से कम 50 उद्यमी सरकारी पोर्टल के माध्यम से सामूहिक रूप से नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
वहीं पात्र मौजूदा एमएसएमई क्लस्टर्स को भी स्पष्ट रूप से सीएलयू, एनओसी छूट का लाभ दिया जा सकेगा। 16 प्रमुख प्रोत्साहन योजनाओं में आवश्यक संशोधनों को भी मंजूरी दी गई है।
आपको ये भी बता दें कि हरियाणा कैबिनेट बैठक में 20 फरवरी से प्रदेश का बजट सत्र शुरू करने का भी फैसला लिया है।



