Yuva Haryana : हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष और जींद से बीजेपी विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को एक पत्र लिखा है। आखिरकार उन्हें ये खत लिखने की क्यों जरूरत पड़ी ? चलिए आपको पूरा मामला बताते है।
दरअसल, डिप्टी स्पीकर के निजी सचिव मोहित शर्मा पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे है। इसके बाद डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने अपने पीए के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाने की बात कही है और इसको लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।

PA पर आरोप क्या?
- जींद RTI एक्टिविस्ट भारत भूषण शर्मा द्वारा पीए पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप लगाए गए
- राष्ट्रपति, पीएम, राज्यपाल, सीएम तक पत्र लिखकर शिकायत की गई
- विभागों में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, रिश्वतखोरी और ट्रांसफर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि पीए ने जींद के कुछ गांवों, हांसी, अंबाला और जीरकपुर में अपने और परिवार के नाम से बेनामी संपत्ति अर्जित की है। इसके अलावा जींद नगर परिषद के 90 प्रतिशत ठेके अपने प्रभाव से अपने नजदीकी व्यक्तियों को दिलाता था और मोटी रकम वसूल करता था। आरोप ये भी लगे है कि पीए की पत्नी घर बैठे सैलरी ले रही है।
इन गंभीर आरोपों पर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने संज्ञान लिया और आरोपी निजी सचिव के खिलाफ जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा। स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को पीए, उनके परिवार और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच करने के आदेश दिए गए है।
इसी मामले को लेकर अब डा. कृष्ण मिड्ढा ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि उन्होंने भी इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने निजी सचिव की जांच करवाए जाने की मांग की है।
पत्रकार वार्ता के दौरान डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जिस दिन जांच एजेंसी जांच शुरू करेगी उसी दिन वह अपने निजी सचिव को छुट्टी पर भेज देंगे, ताकि जांच प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि वह अपने निजी सचिव मोहित से भी जांच में सहयोग करवाएंगे।
कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करती है और इस मामले में जो भी दोषी हो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि वह अपने निजी सचिव के प्रति अंधेरे में हो और वह जांच में सभी बातें सामने आ जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिकायतकर्ता गलत निकलता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।



