Yuva Haryana : हरियाणा में एक कलयुगी पोते की बड़ी शर्मनाक करतूत सामने आई है। दरअसल, करनाल जिले के असंध में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार असंध के रामनगर में बुजुर्ग दंपती की हत्या की वारदात को 25 वर्षीय नशेड़ी पोते रविंद्र ने ही अपने दो साथियों जयसिंहपुर निवासी चाचा-भतीजा प्रदीप और गुलशन के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
कलयुगी पोते के साथियों ने हाथ-पैर कपड़े से बांधे और दोनों का गला दबा दिया। शोर न मचाएं इसलिए दोनों बुजुर्ग के मुंह पर टेप लगा दी गई थी। वारदात के समय बुजुर्ग दंपती अपने पोते से जान बचाने के लिए मदद की गुहार भी लगाते रहे, लेकिन कलयुगी पोते को अपने दादा-दादी पर कोई तरस नहीं आया।

दोनों की हत्या के बाद आरोपियों ने रस्सी से मृतकों के हाथ पैर बांध दिए ताकि सभी को लूट के कारण हत्या की वारदात लगे, लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर ही वारदात का पर्दाफाश कर दिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आपको बता दें कि रविवार देर रात कबाड़ी का काम करने वाले 80 वर्षीय नंबरदार हरी सिंह और उनकी पत्नी 70 वर्षीय लीला के डबल मर्डर की घटना हुई थी।
पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि रुपए के लालच और मकान पर कब्जा करने के लिए पोते ने वारदात को अंजाम दिया था। मृतक के बेटे बंसी ने सात और चार लाख रुपए का लोन लिया था, जिसे वह भर नहीं पाया था। लेकिन मृतक हरी सिंह ने करीब डेढ़ साल पहले कुड़की बचाने के लिए अपने बेटे का लोन भर दिया था और कुछ उधारे पैसे भी दिए थे, अब वह अपने बेटे से 15 लाख रुपए मांग रहा था।
आरोपी पोता अपने दादा के घर की भूमि पर मंदिर बनाना चाहता था। लंबे समय से वह बाबा के वेश में रह रहा था और खेड़े पर जाकर पूजा पाठ भी करता था। रविंद्र की इच्छा थी कि वह मंदिर बनाकर खुद उसमें महंत बनकर बैठे। लेकिन, सुल्फा पीने का आदी होने के कारण उसके पास रुपए नहीं थे।
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पोते रविंद्र ने छत से मकान में घुसा था और उनके घर का दरवाजा खोलकर अपने दोनों दोस्तों को अंदर बुलाया और घटना को अंजाम दिया।
पोते रविंद्र ने काफी समय पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। आरोपी ने अपने दोस्तों को तांबा चोरी की वारदात की बात कहकर बुलाया था, लेकिन जब दोनों दोस्त हरी सिंह के घर पहुंचे तो मुख्य आरोपी रविंद्र ने हत्या का प्लान बताया।



