Yuva Haryana : भारत में मुंह का कैंसर एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। एक ताजा रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि किस कारण मुंह के कैंसर के मामले देश में बढ़ रहे है?
दरअसल, महाराष्ट्र स्थित सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी और होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता 11 साल के एक लंबे अध्ययन के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि देश में मुंह के कैंसर के 62 प्रतिशत मामलों की वजह एक साथ शराब और धुआं रहित तंबाकू का सेवन है।
करीब 3700 लोगों पर किए गए इस अध्ययन के अनुसार रोज 2 ग्राम से भी कम बीयर गाल के अंदर मुंह के कैंसर के खतरे से जुड़ी है। वहीं रोजाना 9 ग्राम शराब यानी कि एक पैग मुंह के कैंसर का जोखिम 50 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।
आपको बता दें कि यह शोध साल 2010 से 2021 के दौरान 35 से 54 वर्षीय 3706 पुरुषों पर हुआ। इनमें मुंह के कैंसर के 1803 मरीज और 1903 हेल्दी लोगों को शामिल किया गया।
शोध में सामने आया कि शराब पीने से मुंह के कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है। मुंह के कैंसर के 17 प्रतिशत मामले सिर्फ शराब से होते हैं। गुटखा, खैनी जैसे तंबाकू से मुंह के कैंसर के 37 प्रतिशत मामले सामने आते हैं।
वहीं शराब और तंबाकू का सेवन एक साथ करने से 4-5 गुना खतरा बढ़ जाता है और 62 प्रतिशत मामले इससे होते हैं।
आपको बता दें कि ब्रेस्ट कैंसर के बाद मुंह के कैंसर के केस सबसे ज्यादा है। देश में हर साल करीब 1.43 लाख नए केस और 80 हजार मौतें होती है।
एक अध्ययन के अनुसार शराब न पीने वालों की तुलना शराब पीने वालों में 68 प्रतिशत ज्यादा जोखिम रहता है। अंग्रेजी शराब पीने वालों में 72 प्रतिशत और देसी पीने वालों में 87 प्रतिशत मुंह के कैंसर का खतरा रहता है।
देशभर में मुंह के कैंसर के सबसे ज्यादा मामले झारखंड में 19.18 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 19.09 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 17.83 प्रतिशत, पंजाब में 13.42 प्रतिशत, दिल्ली में 12.81 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 11.23 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 10.36 प्रतिशत और हरियाणा में 9.81 प्रतिशत है।



