Yuva Haryana : हरियाणा में रोडवेज बस का सफर करने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है।
दरअसल, एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार सरकार रोडवेज बसों के किराए में बढ़ोतरी करने पर मंथन कर रही है। बसों की यात्री टिकट के राजस्व में प्रदेश सरकार को पांच प्रतिशत का घाटा हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए किराया बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
सरकारी खजाना भरने के लिए प्रदेश सरकार आगामी महीनों में कई बड़े निर्णय ले सकती है। हरियाणा के कई विभाग राजस्व बढ़ाने में पूरा योगदान दे रहे है तो कई विभाग इस मामले में पीछे है।
जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में 31 दिसंबर तक राजस्व के रूप में 1050 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में इकट्ठा हुआ था। वहीं 2025-26 में 31 दिसंबर तक 1001 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार जुटा पाई है।
इसके साथ-साथ महंगी गाड़ियों का पंजीकरण शुल्क भी बढ़ाया जा सकता है।
वित्त विभाग की रिपोर्ट के अनुसार परिवहन विभाग में वाहनों पर करों से प्राप्त होने वाले राजस्व में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष 3693 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित हुआ, जबकि इस वित्त वर्ष 4153 करोड़ रुपए
का राजस्व जुटाया है।
इनके अलावा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और सिंचाई विभाग के राजस्व में गिरावट दर्ज की गई है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को पिछले वित्त वर्ष में 31 दिसंबर तक करीब 1060 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था, जबकि इस बार 31 दिसंबर तक 854 करोड़ का राजस्व ही मिला। यह गिरावट करीब 19 प्रतिशत है।
रजिस्ट्री के रूप में राजस्व विभाग को मिलने वाले राजस्व में भी सरकार को घाटा हुआ है। अक्टूबर 2025 तक स्टाम्प और पंजीकरण से होने वाली औसत राजस्व वसूली करीब 1300 करोड़ रुपए प्रति माह रही थी।
लेकिन इसके बाद नवंबर में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने से राजस्व को बड़ा झटका लगा। नवंबर में राजस्व मात्र 554 करोड़ रूपए ही रहा, हालांकि दिसंबर में फिर से तेजी के साथ 1297 करोड़ रुपए का राजस्व जुटा कर वापसी की गई।
ऐसे में खबर ये है कि प्रदेश सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं करवाने वाले अलॉटियों को जल्द संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के निर्देश दे सकती है।



