Yuva Haryana : देश में संसद का विंटर सेशन शुरू होते ही एक नए विवाद ने राजनीतिक गलियारों को गरमा दिया है। इस विवाद की देशभर में चर्चा हो रही है और हरियाणा के नेता भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तेलंगाना से कांग्रेस की वरिष्ठ राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी अपने कुत्ते को गाड़ी में लेकर संसद भवन पहुंची, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।

अब कहा यह भी जा रहा है कि राज्यसभा में उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जा सकता है।
इस मामले पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा है कि रेणुका चौधरी का भौं-भौं करके वहां से जाना इस बात को दिखाता है कि अब यह कांग्रेस की ऑफिशियल भाषा बन गई है। वह पार्टी की प्रवक्ता भी हैं, संभवतः इसीलिए कुत्ते को लेकर आईं ताकि देश को दिखाया जा सके कि कांग्रेस के पीछे से कौन बोलता है।
विज ने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का हवाला देकर कांग्रेस की तुलना को गलत बताया और कहा कि वाजपेयी बढ़ते तेल दामों के विरोध में बैलगाड़ी से आए थे।
अनिल विज ने तंज कसकर सवाल करते हुए कहा कि “आप किसके विरोध में आए हो? आपका कुत्ता किस बात से परेशान है? क्या उसे रोटी नहीं देते, क्या वह प्रोटेस्ट करने आया था?
उधर, कांग्रेस सांसद रेणुका से जब पत्रकारों ने इस बाबत सवाल किया तो उन्होंने भौं-भौं बोलकर जवाब दिया। इससे पहले जब पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि कुत्ता लेकर आने की क्या वजह है ? तब उन्होंने कहा था कि क्या सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं? वे लेकर आ गई, इसमें दिक्कत क्या है? और यह तो बहुत छोटा सा कुत्ता है। यह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है, काटने वाले तो संसद के अंदर बैठे हैं।
वहीं रेणुका ने ये भी कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है, जो संसद परिसर में कुत्तों को घुसने रोकता हो। अटल बिहारी वाजपेयी भी एक बार बैलगाड़ी लेकर आए थे।
इस बयान के बाद ये बड़ा मुद्दा बन गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पत्रकारों से बातचीत में रेणुका का साथ दिया। उन्होंने व्यंग्य भरा लहजा अपनाते हुए कहा कि कुत्ता आज का मुख्य विषय है। राहुल गांधी ने सवाल किया कि बेचारे कुत्ते ने क्या बिगाड़ा है? इसके बाद बीजेपी की ओर से कहा जाने लगा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है, सर्कस नहीं।



