Yuva Haryana : हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि घाटे के दलदल में फंसी बिजली कंपनियों ने बहुत बुरे संकेत दिए है।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली उपभोक्ताओं को बिजली दाम बढ़ाकर झटका देने के बावजूद भी बिजली कंपनियां घाटे से नहीं उबर पा रही है।
दरअसल, बिजली कंपनियों ने हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के सामने अगले वित्त वर्ष 2026-27 का लेखा-जोखा रखा है, जिसमें 4484 करोड़ रुपए का घाटा दर्शाया है। इसके बाद कमीशन के हाथ-पैर फूल गए है और कंपनियों पूछा गया है कि ये इतना बड़ा घाटा कैसे पूरा होगा ? अब इस पर कंपनियां जवाब देगी।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार इस वर्ष कंपनियों ने 4520 करोड़ रुपए का घाटा बताया था, जिसे कमीशन ने घटाकर 3265 करोड़ रूपए कर दिया था। हालांकि, घाटे की भरपाई बिजली उपभोक्ताओं पर 20 पैसे प्रति यूनिट दाम बढ़ाकर कुछ हद तक पूरी की गई। चालू वित्त वर्ष में कंपनियां 98 करोड़ रुपए के घाटे में चल रही है।
इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में बिजली कंपनियां 5261 करोड़ रुपए के घाटे में चल रही थी। जानकारी के अनुसार डिफाल्टर उपभोक्ताओं से रिकवरी नहीं होने के कारण कंपनियां लगातार घाटे में जा रही है।
हरियाणा में कुल 83.40 लाख बिजली कनेक्शन है। इनमें से कुल 25,50982 डिफाल्टर उपभोक्ताओं का 7742 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बकाया रहता है। अगर सरकार इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं से पूरी रिकवरी कर लेती है तो कंपनियों का सारा घाटा पूरा हो सकता है।
एक बड़ी बात ये भी है कि अनेक सरकारी विभाग भी बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे है। इसके चलते करीब साढ़े 23 हजार सरकारी कनेक्शनों के करीब 418 करोड़ रुपए बकाया है।
वहीं एक अन्य प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं पर एक बार फिर से महंगाई की मार पड़ सकती है। बिजली वितरण कंपनियां बिजली दरों में 15 से 17 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) को भेजा है। इस पर अंतिम फैसला एक अप्रैल से पहले लिया जा सकता है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का कहना है कि बिजली खरीद महंगी हो गई है। ट्रांसमिशन खर्च बढ़ने के अलावा कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों की सब्सिडी उन्हें समय पर नहीं मिल रही है। ऐसे में दोनों बड़ी कंपनियां हजारों करोड़ रुपए के घाटे में चल रही है।



