Yuva Haryana : हरियाणा में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आए दिन भाजपा में गुटबाजी के नए-नए मामले सामने आ रहे है और मंत्रियों में आपसी खींचतान जारी है।
केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर के बीच छिड़ी सियासी खींचतान के बाद अब ताजा मामला फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ सामने आया है।
दरअसल, पलवल में आयोजित भाजपा के नववर्ष मिलन समारोह में भाजपा की गुटबाजी सामने आई, जिसने केंद्रीय राज्य मंत्री मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की आपसी गुटबाजी को उजागर किया है।
यहां कार्यक्रम में न केवल मंत्रियों के पोस्टर से फोटो गायब दिखे बल्कि कृष्णपाल गुर्जर ने शायरी से विरोधियों पर निशाना भी साधा।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कृष्णपाल गुर्जर ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोगों का एजेंडा ही कृष्णपाल है। वे तो नरम मिजाज रखते है, लेकिन कुछ का लहजा बताता है कि दौलत नई-नई है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने आगे शायरी सुनाते हुए कहा कि पेड़ ने हवाओं से कहा कि तू रोज गिराती है पत्ते मेरे, फिर भी कुछ बात तो है तुमसे टूटते नहीं हैं रिश्ते मेरे। सांस शरीर को चलाती है इसलिए रिश्तों में गर्माहट बनाए रखिए, मौसम तो अभी और सर्द आने है।
कृष्णपाल गुर्जर ने अपने समर्थकों से कहा कि यदि कोई उनके लिए दरवाजा बंद कर दे तो उन्हें भी ये एहसास जरूर कराएं कि दरवाजा बाहर से भी बंद हो सकता है।
आपको बता दें कि रविवार को पलवल में हुई बीजेपी की इस रैली में लगे होर्डिंग में फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र के तीनों मंत्रियों और भाजपा जिलाध्यक्ष के फोटो गायब दिखाई दिए। हालांकि, कार्यक्रम में केवल बड़खल से विधायक धनेश अदलखा और फरीदाबाद एनआईटी से विधायक सतीश फागना मौजूद रहे।
वहीं इस बारे भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने कहा कि उन्हें और मंत्रियों को रैली का निमंत्रण नहीं मिला, जिसके चलते स्थानीय विधायक और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने रैली से दूरी बनाई।
आपको ये भी बता दें कि इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और राज्य मंत्री विपुल गोयल ने फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित बनी अटल लाइब्रेरी का एक दिन में अलग-अलग समय पर उद्घाटन किया था। करीब ढाई घंटे के अंतराल में दो बार उद्घाटन होने की चर्चा न केवल फरीदाबाद में हुई थी, बल्कि गुटबाजी की यह खबर प्रदेशभर की सुर्खियों में भी छाई रही।



