Yuva Haryana : हरियाणा में सरकार के दावे अनुसार अब जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी तरह से डिजिटल हो गई है। यह नई व्यवस्था प्रदेश की सभी 143 तहसीलों और सब तहसीलों में लागू है।
हरियाणा में सोमवार को पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत हुई है। कई प्रमुख अखबारों की टीमों ने प्रदेशभर में इस नई ऑनलाइन व्यवस्था की पड़ताल की। पड़ताल में सामने आया है कि अभी इस व्यवस्था को सही से लागू करने में समय लगेगा, क्योंकि पहले ही दिन कहीं पोर्टल नहीं चला तो कहीं कागजों में कमी रही।
एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार पहले दिन 13 जिलों में 93 पेपरलेस रजिस्ट्री हुई, जबकि 9 जिलों में आवेदन ही नहीं आए। सबसे ज्यादा कुरुक्षेत्र में 40 रजिस्ट्री हुई, क्योंकि यहां यह प्रक्रिया कई दिनों से चालू थी।
अखबार ने यह बात भी छापी है कि पहले दिन कहीं इंतकाल अपलोड नहीं हुए तो कहीं शपथ पत्र में कमियां मिली। लोग रजिस्ट्री कराने के लिए लाइनों में दिखे यानी कि प्रक्रिया में बाधा आई।
तहसील कर्मचारियों का भी साफ कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री में इंतकाल साथ में चाहिए, लेकिन ऑफलाइन में समय मिल जाता है। अब पांच दिन का समय रजिस्ट्री करवाने में लगेगा। पहले यह काम एक दिन में हो जाता था।
पहले दिन कहां क्या हुआ ?
पानीपत – पांच तहसीलों समालखा, इसराना, मतलौडा और बापौली में रजिस्ट्री नहीं हुई। यहां दस्तावेज अधूरे होने के कारण अपलोडिंग में समस्या बनी और टोकन जारी नहीं हुआ।
जींद – ज्यादातर लोगों ने अपने डेटा यूजर्स बनाकर अपलोड किए। करीब 25 रजिस्ट्री थी, जिन्हें अधिकारियों ने अप्रूव कर दिया। पिल्लूखेड़ा में तीन रजिस्ट्री पेपरलेस हुई। वहीं नरवाना में पोर्टल नहीं चला।
रोहतक – केवल चार रजिस्ट्रेशन ही हुए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई।
हिसार – सिर्फ दो ही रजिस्ट्री हुई, वो भी हांसी में। बाकी अन्य किसी भी तहसील में कोई रजिस्ट्री नहीं हुई।
नारनौल – कोई रजिस्ट्री नहीं हुई।
सोनीपत – पोर्टल की दिक्कत के चलते कोई रजिस्ट्री नहीं हुई।
अंबाला – जंडली तहसील में एक पेपरलेस रजिस्ट्री हुई। वहीं अंबाला कैंट में 2 रजिस्ट्रियां हुई।
कैथल – कलायत में एक रजिस्ट्री हुई।
गुरुग्राम – केवल दो पेपरलेस रजिस्ट्री के आवेदन किए गए, जिनमें एक सोहना और दूसरा वजीराबाद तहसील में हुआ।
ऐसे में बड़ी बात यह है कि सरकार का डिजिटल काम करने का सपना अभी धरातल पर पूरी तरह सच होता हुआ नहीं दिख रहा है। क्योंकि, इस ऑनलाइन व्यवस्था से पहले तहसीलों में रोजाना सैकड़ों रजिस्ट्रियां होती थी, वहां अब काम अटक गया है और हालात आपके सामने है।
वहीं दूसरी तरफ सरकार का मानना है कि पहले ही दिन प्रदेशभर में नागरिकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया देखने को मिली। पहले दिन प्राप्त आवेदनों में से 109 आवेदन स्वीकृत (Approved) किए गए है, जो इस नई पहल की सफलता का प्रमाण हैं।
हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य नागरिकों को पारदर्शी, सुविधाजनक और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना है। ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि लोगों का कीमती समय और संसाधन भी बचेंगे। अब प्रदेश में सभी रजिस्ट्रियां पूरी तरह पारदर्शी और पेपरलेस होंगी।
राजस्व मंत्री ने इस परियोजना में जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीमों को बधाई भी दी।
पहले दिन ऑनलाइन रजिस्ट्रियों के स्वीकृत हुए आवेदन के सरकारी आंकड़े
कुरुक्षेत्र – 58
महेंद्रगढ़ – 21
फतेहाबाद और रेवाड़ी – 5-5
हिसार, करनाल, मेवात – 3-3
फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर – 2-2
अंबाला, भिवानी, जींद और रोहतक – 1-1



