Yuva Haryana : देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। एक्यूआई 400 के पार पहुंचने के बाद शनिवार को दिल्ली एनसीआर में पहले ग्रैप-3 लागू किया गया और इसके कुछ घंटों बाद ही ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू करने का फैसला लिया गया।
ग्रैप-4 लागू होने के बाद दिल्ली में ट्रक, लोडर समेत अन्य भारी वाहनों के प्रवेश करने की इजाजत नहीं होती है। हालांकि, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने वाले वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध और ऑनलाइन कक्षाओं का प्रावधान भी शामिल है।
आपको बता दें कि ग्रैप पर बनी सब कमेटी ने प्रदूषण के खराब स्तर को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और आईआईटीएम द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमानों की समीक्षा करने के लिए एक आपातकालीन बैठक आयोजित की।
इस दौरान ये सामने आया कि दिल्ली का एक्यूआई जो सुबह 10 बजे गंभीर श्रेणी में 401 था, वो एक्यूआई शाम 4 बजे 431, शाम 5 बजे 436, शाम 6 बजे 441 और शाम 7 बजे 448 तक पहुंच गया।
वहीं मौसम विभाग अनुसार धुंध और कोहरा छाए रहने की संभावना है और इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ेगा क्योंकि कोहरे में प्रदूषक की सांद्रता बढ़ जाएगी। ऐसे में यह एनसीआर में पहले से ही लागू ग्रैप के चरण- एक, दो और तीन के तहत की गई कार्रवाइयों के अतिरिक्त है।
ग्रैप-4 के प्रतिबंध जानिए
- ग्रैप-4 के तहत में दिल्ली-एनसीआर में सबसे सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं
- दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा
- केवल सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 डीजल ट्रकों को अनुमति होगी
- दिल्ली में पंजीकृत डीजल भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध
- केवल आवश्यक सेवाओं के लिए ही ट्रकों के प्रवेश पर छूट
- सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रतिबंध
- राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, बिजली पारेषण लाइनें, पाइपलाइनें और दूरसंचार कार्य जैसी रैखिक सार्वजनिक परियोजनाएं रोकी जाएगी
- स्कूलों को प्राथमिक कक्षाओं के साथ-साथ उच्च कक्षाओं के छात्रों के लिए भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करनी होगी
- जहां तक छात्रों को संभव हो, वहां ऑनलाइन उपस्थित होने का विकल्प दिया जाएगा
इसके अलावा राज्य सरकारों से प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त आपातकालीन कदम उठाने पर विचार करने के लिए कहा गया है। जैसे कि कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना, गैर-जरूरी व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करना और यहां तक कि वाहनों के लिए सम-विषम नियम लागू करना।
आपको बता दें कि ग्रैप में कुल चार चरण आते हैं। पहला चरण तब लागू होता है, जब एक्यूआई 201 से 300 के बीच रहता है। इसके बाद दूसरा चरण एक्यूआई 301 से 400 के बीच रहने पर लागू होता है, जबकि तीसरा चरण एक्यूआई 401 से 450 रहने पर लागू किया जाता है। वहीं, चौथे चरण में एक्यूआई के 450 से अधिक होने पर इसे अमल में लाया जाता है।



