Yuva Haryana : हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मुहिम ने एक बार फिर असर दिखाया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के लिंगानुपात में खासा सुधार देखने को मिला है।
गिरते लिंगानुपात को बचाने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों के चलते राज्य में बेटियों की संख्या बढ़ने लगी है।
साल 2025 में हरियाणा का लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है। इससे पहले साल 2024 में लिंगानुपात 910 रिकॉर्ड किया गया था।
अब आठ साल बाद वापस 923 पर हरियाणा का लिंगानुपात पहुंचा है, साल 2019 में भी सबसे ज्यादा 923 लिंगानुपात दर्ज किया गया था।
हरियाणा के पंचकुला ने 56 अंकों की बढ़ोतरी के साथ सबसे लंबी छलांग लगाते हुए लिंगानुपात में बहुत ज्यादा सुधार किया है। साल 2025 के ताजा आंकड़ों के अनुसार पंचकुला में 971 लिंगानुपात दर्ज किया गया है, जो कि साल 2024 में 915 था।
पानीपत में 951 लिंगानुपात हैं, वहीं साल 2024 में 900 था।
दादरी में 913 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 872 था।
फतेहाबाद में 961 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 925 था।
करनाल में 944 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 926 था।
इनके अलावा जींद, सोनीपत, सिरसा, गुरुग्राम और नूंह के लिंगानुपात में औसत प्रदर्शन रहा।
जींद में 918 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 919 था।
सोनीपत में 894 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 901 था।
सिरसा में 937 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 936 था।
गुरुग्राम में 901 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 899 था।
नूंह में 935 लिंगानुपात है, वहीं साल 2024 में 928 था।
साल 2024 में एक भी जिले का लिंगानुपात 950 से ज्यादा नहीं था। साल 2024 में यमुनानगर का लिंगानुपात 939 के साथ सबसे ज्यादा रहा था। लेकिन साल 2025 में पंचकुला का 971, फतेहाबाद का 961 और पानीपत का 950 लिंगानुपात रहा है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने साल 2025 में 7480 बेटियों को कोख में मरने से बचाने का दावा किया गया है। वहीं 2015 से लेकर अब तक करीब 66 हजार बेटियों को बचाया गया है।



