Yuva Haryana : हरियाणा की शीर्ष प्रशासनिक सेवा एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा) की तैयारी कर अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट है। दरअसल, राज्य सरकार ने एचसीएस एग्जाम के पैटर्न में कई अहम बदलाव किए।
बदलाव के बाद एचसीएस परीक्षा का प्रारूप लगभग यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तरह ही हो गया है।
एचसीएस एग्जाम में सबसे बड़ा बदलाव ये किया गया है कि वैकल्पिक विषय प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब इसके स्थान पर सामान्य अध्ययन के लिए चार अनिवार्य प्रश्न पत्र लागू किए गए है।
वहीं अब प्रीलिम्स का पेपर कुल 400 अंकों का आएगा। मुख्य परीक्षा में छह पेपर लिए जाएंगे।
आपको बता दें कि प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र एक में विज्ञान, समसामयिक घटनाएं, इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और हरियाणा से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है।
वहीं प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र दो में अभ्यर्थियों की निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, तार्किक विवेचना और मानसिक दक्षता पर फोकस किया गया है।
मुख्य लिखित परीक्षा में छह वर्णनात्मक प्रश्न पत्र होगें, जो कि 600 अंक होंगे। इसमें अंग्रेजी और हिंदी प्रश्नपत्र के जरिए अभ्यर्थियों की भाषा, विचार स्पष्टता, प्रस्तुति कौशल और प्रशासनिक लेखन क्षमता को मूल्यांकन होगा। पत्र लेखन, अनुवाद, प्रेसी और विषय आधारित निबंध शामिल है, जिससे प्रशासनिक संप्रेषण कौशल पर जोर दिया है।
इनके अलावा सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र में भारतीय कला संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण, संविधान, शासन व्यवस्था, संसद, न्यायपालिका, कल्याणकारी योजनाएं, अर्थव्यवस्था, विज्ञान प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और हरियाणा से जुड़े समकालीन विषय शामिल हैं।
वहीं एक अहम बदलाव ये भी किया है कि सामान्य अध्ययन-4 नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि में केस स्टडी के माध्यम से अभ्यर्थियों की ईमानदारी, पारदर्शिता, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और भ्रष्टाचार से निपटने की क्षमता का मूल्यांकन होगा।



