Yuva Haryana : हरियाणा में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने पर सख्ती दिखाई है। दरअसल, हरियाणा आयुष्मान भारत प्राधिकरण ने प्रदेश के 45 प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान-चिरायु योजना के पैनल से हटा दिया है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार इन 45 अस्पतालों ने प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना नहीं की थी। कई अस्पतालों का आधारभूत ढांचा योजना के हिसाब से नहीं था यानी कि ईलाज के लिए उपयुक्त सुविधाएं नहीं थी।
इनता ही नहीं कई अस्पतालों में मरीजों से पैसे लेने की शिकायतें सामने आई थी जबकि कुछ अस्पताल मरीजों के इलाज के सबूत नहीं दे पाए।
आपको बता दें कि सरकार ने आयुष्मान योजना का चिरायु योजना के नाम से विस्तार किया है। इस योजना के तहत तीन लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवार मुफ्त में प्राइवेट अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकते है। वहीं छह लाख रुपए से अधिक सालाना आय वाले परिवार भी किस्त देकर अपना इलाज करवा सकते है।
हरियाणा में आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत इलाज करने वाले 1304 अस्पताल है। इनमें 641 सरकारी अस्पताल और 663 प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक है।
आपको ये भी बता दें कि हरियाणा आयुष्मान भारत प्राधिकरण इस योजना की निगरानी करता है और नियमों के मुताबिक अस्पतालों की जांच करता है। अस्पतालों को आयुष्मान योजना से हटाने का फैसला पांच सदस्यीय कमेटी लेती है, जो आयुष्मान भारत के सीईओ के नेतृत्व में काम करती है।



