Yuva Haryana : हरियाणा में प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारियों से प्रॉपर्टी डिटेल मांगी है। इसके लिए सरकार की तरफ आदेश जारी किए गए है।
आदेश अनुसार हरियाणा कैडर के सभी आईएएस अधिकारियों को अपनी अचल संपत्ति विवरणी (आईपीआर) वर्ष 2025 के लिए तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने सभी आईएएस अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक अपनी अचल संपति का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करने का निर्देश दिया है। समय पर विवरण न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और पदोन्नति रोकने की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, यह आदेश एक वार्षिक परंपरा है। आदेश में कहा गया है कि आईपीआर दाखिल करने के लिए स्पैरो पोर्टल पर ऑनलाइन मॉड्यूल एक जनवरी, 2026 से 31 जनवरी, 2026 तक खुला रहेगा। यह मॉड्यूल 31 जनवरी को स्वतः बंद हो जाएगा।
आदेश के मुताबिक आईएएस अधिकारी या तो पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आईपीआर जमा करा सकते है, या फिर मैन्युअली भरे गए आईपीआर की स्कैन कॉपी अपलोड कर सकते है।
डीओपीटी के पत्र में कहा गया है कि आईएएस (आचरण) नियम, 1968 के नियम 16(2) के तहत प्रत्येक आईएएस अधिकारी को हर वर्ष निर्धारित समय सीमा तक आईपीआर जमा करना अनिवार्य है। निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में यह अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बन सकता है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार डीओपीटी के अनुसार देशभर में करीब पांच हजार भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी काम कर रहे है। हाल ही में हरियाणा के शीर्ष अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा सामने आया था, जिसमें उनके पास विभिन्न शहरों में फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियां है।



