Yuva Haryana : देश में साइबर धोखाधड़ी के रोजाना नए-नए मामले सामने आते है। समय-समय पर पुलिस भी साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए नए-नए एक्शन प्लान करती है। ऐसे में हरियाणा राज्य साइबर अपराध रोकने के कितना कामयाब हुआ है ? हम आपको देश के अन्य राज्यों के भी साइबर अपराधों के आंकड़ों की भी जानकारी देंगे।
आपको बता दें कि एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच दोषियों को सजा दिलवाने की दर केवल 20.9 फीसदी है। साल वर्ष 2023 में 68 मामले ही कोर्ट से निपटाए गए।
दरअसल, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की साल 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में साइबर अपराधियों को सजा दिलाने में हरियाणा पुलिस 10वें स्थान पर है।
कौन सबसे आगे ?
- पहला स्थान – 65 फीसदी सजा दिलाने की दर के साथ उत्तराखंड
- दूसरा स्थान – 54.6 फीसदी सजा दिलाने की दर के साथ उत्तर प्रदेश
- तीसरा स्थान – 50 फीसदी सजा दिलाने की दर के साथ बिहार
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 के मुकाबले हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों को सजा दिलाने की दर 2023 में तीन फीसदी ही बढ़ी है।
इस रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा पुलिस ने 2023 में साइबर अपराध से जुड़ी लगभग 1900 गिरफ्तारियां की, जो कि 2024 में बढ़कर 5156 हो गई है।
2023 में हरियाणा में करीब 602 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले रिकॉर्ड में दर्ज हुए हुए। वहीं 2024 में यह आंकड़ा भी बढ़कर 980 करोड़ रुपए हो गया।
इन मामलों में वसूली की गई राशि 2023 में लगभग 76 करोड़ रुपए थी जो कि बढ़कर 2024 में 268 करोड़ रुपए हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में साइबर अपराध के लंबित मामलों वाले राज्यों में हरियाणा का 13 वां स्थान है। प्रदेश में 96.6 फीसदी मामले लंबित है।
अन्य राज्यों का भी हाल जानिए…
- अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड – 100 फीसदी मामले लंबित
- राजस्थान – 96.5 प्रतिशत मामले लंबित
- हिमाचल – 95 प्रतिशत मामले लंबित
- पंजाब – 93 प्रतिशत मामले लंबित
आपको यह जानकारी भी बता दें कि हरियाणा पुलिस को साइबर ठगी की रिकवरी में देश में नंबर वन होने का सम्मान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिल चुका है।



