Yuva Haryana : हरियाणा के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की सुसाइड का मामला सुर्खियों में है। हमेशा सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत रखने वाले आईपीएस वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या क्यों की होगी ? आज यह सवाल हर कोई पूछ रहा है।
दरअसल, हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार मंगलवार को चंडीगढ़ सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए। जानकारी के अनुसार वाई पूरन ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या की। दोपहर एक बजे उन्होंने अपने गनमैन से सरकारी पिस्तौल मांगकर यह कहा था कि उन्हें कुछ काम है। इसके बाद वह अपने घर के बेसमेंट में चले गए। साउंड प्रूफ बेसमेंट होने के कारण गोली चलने की आवाज बाहर नहीं आई। करीब एक घंटे बाद जब उनकी बेटी किसी काम से बेसमेंट में गई तो उसने देखा कि पूरन कुमार सोफे पर गिरे पड़े है और उनके सिर से खून बह रहा है। इसके बाद पूरन की बेटी ने सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर पुलिस को सूचना दी।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। यह सुसाइड नोट 8 पेज का बताया जा रहा है। सुसाइड नोट में 30-35 आईपीएस, कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, रिटायर्ड अधिकारियों के नाम शामिल है और इनपर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए है। सुसाइड नोट के साथ पुलिस को एक पेज की वसीयत भी मिली है।
आईपीएस पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में एक नया मोड़ ये भी आया है कि एक शराब व्यापारी ने पूरन कुमार के गनमैन सुशील पर मंथली मांगने का आरोप लगाया है। व्यापारी का आरोप है कि उसे जून माह में रोहतक स्थित आईजी ऑफिस बुलाकर धमकाया गया और वहां मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। व्यापारी के मुताबिक गनमैन सुशील ने उससे हर माह मंथली देने की मांग की थी। व्यापारी ने इस संबंध में पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। इस मामले की शिकायत रोहतक अर्बन एस्टेट थाना में दर्ज कराई गई है। फिलहाल, आरोपी गनमैन सुशील पुलिस की गिरफ्त में है।

कौन हैं वाई पूरन कुमार
पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे
सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति के हाथों पुलिस पदक से सम्मानित भी हुए
थोड़े दिन पहले ही इन्हें पीटीसी सुनारिया का आईजी बनाया गया था, 8 अक्टूबर को संभालना था कार्यभार
वे हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के आईजी भी रहे
वाई पूरन कुमार रोहतक रेंज के भी आईजी रहे
इन्होंने रोहतक मंडल के आईजी रहते हुए भिवानी की मनीषा की संदिग्ध मौत मामले की जांच भी की
इनकी पत्नी आईएएस पी अमनीत कुमार हैं, जो कि घटना के वक्त सीएम नायब सैनी के साथ जापान दौरे पर थी
सिस्टम खिलाफ आवाज उठाते थे पूरन
वाई पूरन ने हरियाणा के मौजूदा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर से लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, पूर्व गृह सचिव राजीव अरोड़ा और पूर्व डीजीपी मनोज यादव के खिलाफ कई बार मोर्चा खोला।
2024 लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल के खिलाफ भी चुनाव आयोग को शिकायत की थी। उनका आरोप था कि राज्य चुनाव आयोग जातिगत मामलों को देखते हुए अफसरों पर कार्रवाई करता है। उनका मानना था कि केवल अनुसूचित जाति के अफसरों को बदला जा रहा है, लेकिन स्वर्ण जाति के अफसरों को नहीं बदला जा रहा।
वाई पूरन ने साल 2022 में तत्कालीन गृह सचिव राजीव अरोड़ा पर भी भेदभावपूर्ण तरीका अपनाकर पूर्व डीजीपी मनोज यादव के पक्ष में जांच रिपोर्ट देने का आरोप लगाया था। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक भी गया।
इन्होंने 9 आईपीएस अधिकारियों को दो-दो सरकारी मकानों के अलॉटमेंट करने का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के एक-एक सरकारी मकान खाली करावाए गए और उनसे जुर्माना भी लिया गया।



