Yuva Haryana : भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी और आम लोगों के इलाज के लिए रामबाण साबित हो रही प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की साख पर सवाल खड़े हुए है। दरअसल, हरियाणा के दादरी जिले के एक प्राइवेट अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड के जरिए ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है।
सोमवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक फरियादी ने यह मामला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के सामने उठाया और न्याय दिलाने की मांग की। फरियादी के अनुसार वह अपनी पत्नी के टूटे हाथ के इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल गया था और वहां उससे 58,400 रुपए ठग लिए गए।
दादरी के निवासी भोलीराम ने बताया कि जुलाई 2025 को उनकी पत्नी का फिसलकर गिरने के कारण हाथ टूट गया था। इलाज के लिए जब उसे सरकारी अस्पताल लेकर गया तो वहां उसे अपने मोहल्ले के एक संजय नामक शख्स ने आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त में प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी।
ऐसे में इस सलाह को मानकर भोलीराम अपनी पत्नी को लेकर प्राइवेट अस्पताल चला गया और वहां उसे संजय भी मिला। अगले दिन प्राइवेट अस्पताल में उसकी पत्नी को ईलाज भी मिल गया। ईलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ ने आयुष्मान और आधार कार्ड मांगते हुए एक्स-रे करने की बात कही।
इस दौरान अस्पताल कर्मचारियों द्वारा भोलीराम को मरीज के कपड़े पहनाकर और मास्क लगाकर उसका फोटो खींचा गया। इसके बाद भोलीराम के पास पहले उसकी पत्नी के इलाज के लिए 25 हजार रुपए और उसके अगले दिन उसके खुद के उपचार के लिए 58,400 रुपए कटने का संदेश मोबाइल पर आया। इसके बाद भोलीराम ने जब यह बात अस्पताल कर्मचारी को बताई तो उसे डराया-धमकाया गया।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने भोलीराम ने अपनी सारी कहानी बताते हुए प्राइवेट अस्पताल पर ठगी का आरोप लगाया। इस पर मंत्री ने सीएमओ से जवाब मांगा और एसपी को इस मामले की जांच के आदेश दिए।



