Yuva Haryana : हरियाणा में एक बार फिर से जहरीली शराब का कहर देखने को मिला है। भिवानी जिले के गांव जाटू लोहारी में संदिग्ध हालात में शराब पीने के बाद एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है, जबकि पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह गांव के शराब के ठेके के पीछे खाली पड़ी जगह में छह लोग बेहोशी की हालत में मिले। पास में छह-सात खाली बोतलें पड़ी मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने परिजनों को सूचित कर सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जहां 32 वर्षीय जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि जाटू लोहारी में 10 व्यक्तियों ने सुबह अत्याधिक शराब का सेवन किया था, जिसके बाद यह घटना हुई। फिलहाल शराब के ठेके को पुलिस ने सील कर दिया है। अब पुलिस ये जांच कर रही है कि व्यक्ति की मौत शराब पीने से हुई या फिर कोई अन्य कारण है।
आपको बता दें कि जहरीली शराब से अब तक प्रदेश में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार सोनीपत में सबसे ज्यादा 32, पानीपत में आठ, अंबाला व यमुनानगर में 10 और फरीदाबाद में तीन लोगों की जान जा चुकी है।
एक अन्य प्रमुख समाचार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार साल 2023 में अंबाला की एक फैक्ट्री में नकली शराब बनती थी और उसे अवैध तरीके से बेचा जाता था। इस नकली शराब के कारण 22 लोगों की मौत हुई थी।
इससे पहले सोनीपत और पानीपत में 20 लोगों की मौत का मामला भी सामने आया था। एक अहम जानकारी भी ये भी है कि साल 1980 में सिरसा जिला में जहरीली शराब पीने से 32 लोगों की मौत हुई थी।
हालांकि, अंबाला की घटना के बाद राज्य सरकार ने नकली शराब पर सख्ती दिखाई थी। सरकार ने जहरीली शराब बनाने वाले और इस काम में लिप्त ठेकेदारों के अलॉटमेंट और वेंडरों के लाइसेंस रद्द करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान किया था।
शराब ठेकेदारों पर ढाई करोड़ रुपए का जुर्माना भी उस समय लगाया गया था। 27 से ज्यादा आरोपियों की धर पकड़ भी की गई थी। 12 ठेकों की अलॉटमेंट और 41 सब वेंडर के लाइसेंस रद्द किए गए थे।



