Yuva Haryana : देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदल दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी बिल, 2025 (VB-G-RAM-G) को मंजूरी दे दी गई और अब यह कानून भी बन गया है।
उधर, कांग्रेस पार्टी मनरेगा की जगह जी राम जी कानून (विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण) लाने का पूरजोर विरोध करने में लगी हुई तो वहीं भाजपा सरकार गांव-गांव में इस योजना पर चर्चा कराकर इसका गुणगान कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वह मनरेगा का नाम बदलने का सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध करेंगे और सरकार को इस नए कानून को वापस लेने के लिए मजबूर कर देंगे।
वहीं विपक्ष के भारी विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को शुक्रवार के दिन ग्राम सभा आयोजित करके ग्रामीणों खासकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों और महिलाओं को नए कानून की विशेषताओं से अवगत कराने के आदेश दिए है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार अब हरियाणा सरकार हर गांव में जी-राम-जी योजना की ग्रामीणों में चर्चा करवा रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी 6225 गांवों में ग्राम सभा का आयोजन किया गया।
इन ग्राम सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए ग्राम सचिव, सरपंच और वार्ड पंचों की ड्यूटियां लगाई और लोगों को ग्राम सभा की सूचना के लिए घर-घर तक मुनादी कराई गई।
इस दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि जी-राम-जी योजना से 100 की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा। काम नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
जी-राम-जी योजना के तहत ग्रामीण स्वयं अपने गांव की योजना का चयन कर पाएंगे। इस नई योजना में मनरेगा में जो काम चल रहे है, वह बंद नहीं होंगे। जी-राम-जी में नए काम आएंगे तो वह शुरू हो जाएंगे।
इसके अलावा किसानों को भी इस योजना का लाभ मिल पाएगा। खेती सीजन में जी-राम-जी में काम बंद रहेंगे, ताकि फसल की बुवाई और कटाई के समय किसानों को मजदूर मिल पाएं।
जानकारी ये भी है कि ग्राम सभाओं में जी-राम-जी योजना के होर्डिंग व पोस्टर लगाए गए। अब सरकार सभी ग्राम सभा की फोटो, वीडियोग्राफी और प्रोसिडिंग तैयार करके इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेगी।



