Yuva Haryana : हरियाणा में इस बार धान खरीद के दौरान हुई बड़ी गड़बड़ियों की जांच जारी है। ऐसे में यमुनानगर जिले में धान घोटाले की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है।
दरअसल, अब विभाग ने राइस मिलों में रखे सरकारी धान की सुपरदारी के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार पहले राइस मिलरों के रिकॉर्ड की सही से निगरानी नहीं रखी गई और इस लापरवाही के चलते करीब 70 करोड़ रुपए का धान घोटाला उजागर हुआ है।
ऐसे में मामला कोर्ट पहुंचने के बाद मिल मालिकों पर शिकंजा और कसने की तैयारी हो रही है। हैफेड ने कोर्ट में कहा है कि राइस मिलों में रखा धान सरकारी धन से जुड़ा हुआ है। गबन और गड़बड़ियों को देखते हुए इसे निगरानी में सुरक्षित रखना जरूरी है।
अधिकारियों के अनुसार सुपरदारी आदेश मिलते ही स्टाफ न तो मिल परिसर से हटाया जा सकेगा और न ही उसमें किसी प्रकार की छेड़खानी हो सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार राइस मिलों का औचक निरीक्षण जारी है और बकाया स्टाफ बोरी संख्या, गोदाम की स्थित, वजन और आवक जावक रजिस्टरों का मिलान किया जा रहा है। जहां भी कमी मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी।
धान घोटाले की बढ़ती जांच के बाद अब राइस मिल संचालक अपने पुराने रिकॉर्ड सही करने की कोशिश में लगे हुए है। ऐसे में प्रशासन का भी स्पष्ट कहना है कि निर्धारित अवधि के रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।



