Yuva Haryana : हरियाणा में सरकारी स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को लेकर एक अहम आंकड़ा सामने आया है। पिछले कई सालों में हरियाणा में कितने सरकारी स्कूलों पर ताला लग चुका है ? चलिए आपको बताते है।
दरअसल, शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन रानियां से इनेलो के विधायक अर्जुन चौटाला ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से सवाल किया कि बीजेपी सरकार द्वारा जो स्कूल समायोजित किए गए हैं उनमें दाखिलों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
इस सवाल के जवाब में जानकारी सामने आई कि हरियाणा सरकार ने पिछले सात वर्षों में 400 स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण पड़ोस के स्कूलों के साथ मर्ज कर दिया है।
विधायक अर्जुन चौटाला ने वर्ष 2019 से लेकर अब तक मर्ज किए गए स्कूलों का ब्योरा और समायोजन के बाद संबंधित स्कूलों के दाखिले में हुई वृद्धि को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी।
इस पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि साल 2019 में 25 से कम विद्यार्थियों वाले 66 स्कूलों का समायोजन एक किलोमीटर के दायरे में आते दूसरे स्कूलों में किया गया। इसके बाद वर्ष 2021 में सरकार ने नियमों को बदला और केवल नौ विद्यार्थियों वाले 46 स्कूलों का समायोजन किया।
साल 2022 में 180 राजकीय प्राइमरी पाठशाला, 103 राजकीय माध्यमिक विद्यालय और चार राजकीय उच्च विद्यालयों को मर्ज किया गया है।
इसी तरह साल 2023 में एक विद्यालय को मर्ज किया गया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि उक्त अवधि के दौरान समायोजित किए गए 400 स्कूलों में से दोबारा छात्रों की संख्या बढ़ने पर 137 स्कूलों को फिर से खोल दिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं कि भविष्य में भी अगर किसी स्कूल में मानकों के अनुसार विद्यार्थियों के दाखिले होते हैं तो उन्हें दोबारा खोल दिया जाए।
हालांकि, सदन में दी गई शिक्षा मंत्री की इस जानकारी से इनेलो विधायक संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका मानना है कि शिक्षा मंत्री उनके सवाल का कोई जवाब नहीं दे पाए।



