Yuva Haryana : हरियाणा में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत एक बीडीपीओ और एक जेई को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है तो वहीं भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे छह आरोपियों की भी धरपकड़ की गई।
इस अभियान के अंतर्गत गुरुग्राम रेंज से तीन, रोहतक रेंज से एक, करनाल रेंज से एक और पंचकूला रेंज से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी ने एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रेवाड़ी के खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी सौरभ उपाध्याय को 35,000 रूपए नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
बड़ी बात ये है कि गुरुग्राम के रहने वाले इस अधिकारी सौरभ की पंचायत महकमे में ज्वानिंग के बाद रेवाड़ी में पहली ही पोस्टिंग थी। इस दौरान उन पर आरोप है कि 50 लाख के विकास कार्यों के बिल पास करने के लिए उन्होंने 10 प्रतिशत कमीशन मांगा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी भवन निर्माण सामग्री से संबंधित फर्म है और उसने जिला रेवाड़ी की विभिन्न पंचायतों में विकास कार्य किए है। इन कार्यों से संबंधित बिल पास करवाने के लिए जब वह खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी से मिला तो आरोपी द्वारा 75,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई।
बाद में आरोपी द्वारा 35,000 रुपये लेने पर सहमति जताई गई। शिकायत के सत्यापन के बाद ब्यूरो टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
उधर, एसीबी ने हिसार में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते एक जेई को रंगे हाथों पकड़ा है। कार्यालय जिला नगर योजनाकार हिसार में तैनात जूनियर इंजीनियर गिरीश कुमार को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसकी दुकान को न गिराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। मामले की जांच जारी है।
वही गुरुग्राम रेंज में एसीबी ने “पीछा करो अभियान” के अंतर्गत तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नारनौल नगर परिषद में तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता कृष्ण कुमार पर रिश्वत लेकर आईडी अपलोड कर कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने का आरोप है।
गुरुग्राम में तत्कालीन सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार को दबाव बनाकर कमीशन प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
वहीं एक सेल्समैन ललित कुमार को बीज वितरण रजिस्टर में किसानों को वितरित कट्टों की संख्या से छेड़छाड़ करने के आरोप में पकड़ा गया।
करनाल रेंज में एक पुलिस उपनिरीक्षक विजेंदर सिंह को शिकायत बंद करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शिकायत प्राप्त होने के पश्चात सतर्कता ब्यूरो द्वारा सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।
रोहतक रेंज में में भूमि से जुड़े एक बड़े और संगठित फर्जीवाड़े के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी जरनैल सिंह को गिरफ्तार किया गया है। यह प्रकरण फर्जी वसीयतनामा एवं कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से लगभग 12 एकड़ भूमि को अवैध रूप से अपने नाम दर्ज कराने से संबंधित है।
जांच में सामने आया है कि इस प्रकरण में कई व्यक्तियों की आपराधिक मिलीभगत रही है। अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे इस संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगा है।
इनके आलावा पंचकूला रेंज में भ्रष्टाचार से संबंधित एक प्रकरण में फरार आरोपी लोक निर्माण विभाग में तत्कालीन उप-मंडल अभियंता ओम नारायण गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था और उसके विरुद्ध जांच लंबित थी।
इसके साथ एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 अथवा 1064 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।



