हरियाणा में 10वीं-12वीं के एग्जाम की तैयारियों में जुटा बोर्ड, इस बार नए फीचर्स के साथ होने वाली परीक्षा का विरोध क्यों ? पढ़ें

Yuva Haryana : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की तैयारियां जुट गया है। इस बार प्रश्न पत्रों के साथ-साथ उत्तर पुस्तिकाओं में भी क्यूआर कोड और हिडन फीचर्स होंगे। बोर्ड का दावा है कि ये नए फीचर्स परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए उठाया गया कदम है। वहीं बोर्ड के इस निर्णय का विरोध भी हो रहा है।
हालांकि, इससे पहले बोर्ड ने साल 2023-24 में पहली बार प्रश्न पत्रों में क्यूआर कोड का और हिडन फीचर्स लगाए थे। बोर्ड का मानना है कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए है, जिसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं में भी यह सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।
इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा के करीब पांच लाख परीक्षार्थियों के लिए 30 लाख लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं पर अब क्यूआर और हिडन फीचर्स नजर आएगा। हालांकि, इससे बोर्ड पर तीन करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। सामान्य तौर पर उत्तर पुस्तिकाओं पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए का खर्च आता है, लेकिन नए फीचर्स से साढ़े चार करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
बोर्ड ने दावा किया है कि नए फीचर्स से प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं को कोई परीक्षार्थी या स्टाफ अगर फोटो खींचकर आउट करता है तो वह क्यूआर कोड की मदद से तुरंत पकड़ा जाएगा। पिछली बार इस फीचर की मदद से बोर्ड ने अनके परीक्षार्थियों और अन्य लोगों को पकड़ा था और उनपर कार्रवाई भी की गई।
उधर, बोर्ड से जुड़े कर्मचारी इस नए फीचर का विरोध भी कर रहे है। उनका कहना है कि इससे उत्तर पुस्तिकाओं की सीक्रेसी लीक होने की संभावना है। उनका मानना है कि पिछले सालों से उत्तर पुस्तिकाओं की लीकेज और अन्य किसी तरह की गड़बड़ी की कोई शिकायत सामने नहीं आई थी।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड संगठन के एक प्रधान का कहना है कि बोर्ड प्रशासन ने उत्तर पुस्तिका मुद्रण का कार्य पूर्ण रूप से प्रकाशन शाखा को सौंपने का वादा किया था, लेकिन ऐसा न करके बोर्ड ने कर्मचारियों के साथ धोखा किया गया है।
उनका कहना है कि प्रकाशन शाखा को टेंडर प्रक्रिया में उलझाया गया और अब तक फाइल भी नहीं निकाली गई है। वहीं गोपनीय सेल के माध्यम से समानांतर रूप से यह कार्य अंतिम चरण में है। यहां तक कि उत्तर पुस्तिकाओं के प्रूफ भी पढ़वा लिए गए है। यह पूरी तरह गलत और नियमों के खिलाफ है।
उनका ये भी कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं में क्यूआर का कोई औचित्य नहीं बनता है और इससे सीक्रेसी लीक होने की संभावना होगी और बोर्ड पर आर्थिक बोझ भी पड़ेगा।
First published on: January 13, 2026 06:19 PM