Yuva Haryana : हरियाणा में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के हाई प्रोफाइल केस से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, मामले में पूरन कुमार के गनमैन रहे सुशील कुमार से बरामद मोबाइल फोन में आईजी कार्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद हुए है।
ये बड़ा दावा एक प्रमुख अखबार ने अपनी खबर में किया है। जानकारी के अनुसार मामले में अंबाला जेल में बंद गनमैन पर आरोप है कि एक ईएसआई की एसीआर ठीक कराने के लिए 1.25 लाख रुपए मांगे गए थे और इसका ब्यौरा आरोपी गनमैन के खिलाफ तैयार चार्जशीट में दिया गया है।
मामले में अभी तक एसआईटी की ओर से तैयार की गई चार्जशीट को कोर्ट में दाखिल नहीं किया गया, क्योंकि चार्जशीट पर अधिकारियों का मंथन अभी भी जारी है।
SIT जांच से जुड़ी नई बड़ी बातें
- आरोपी सुशील कुमार से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे
- इन फोन में आईजी कार्यालय से जुड़े अहम दस्तावेज मिले
- बैंक खातों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा
इस मामले में एसआईटी ने आईजी कार्यालय के एक क्लर्क का बयान भी दर्ज किए है, इसमें सामने आया है कि ये रिकॉर्ड आईजी कार्यालय से संबंधित है, लेकिन उसने रिकॉर्ड की प्रति किसी को नहीं दी गई।
वहीं एसआईटी ने अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए है। एक स्थानीय निवासी के बयान के अनुसार उसने एक ईएसआई से एसीआर ठीक कराने के लिए पीजीआई के एक डॉक्टर के कहने पर गनमैन सुशील से बात की और इसके लिए उससे 1.25 लाख रुपये मांगे गए। पुलिस की ओर से ईएसआई और डॉक्टर के भी बयान दर्ज किए गए है।
उधर, एसआईटी गनमैन सुशील कुमार के बैंक खातों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। इसमें सामने आया है कि 15 सितंबर 2025 को खाते में एक लाख की राशि जमा कराई गई। वहीं 21 अगस्त को आठ हजार, 15 अगस्त को तीन हजार, 11 अगस्त को दस हजार, 8 अप्रैल को 40 हजार, 6 जुलाई को बीस हजार, 22 जुलाई को दस हजार, 21 अगस्त को दस हजार, 29 अगस्त को पांच हजार रुपये जमा हुए हैं। ऐसे में ये पैसे किसने और क्यों सुशील के खाते में डाले ? इसकी जांच जारी है।



