Yuva Haryana : भारत में खासकर बुखार, खांसी, जुकाम में लोग डॉक्टर की सलाह के बिना ही सीधे मेडिकल से दवाएं खरीदते और उसका उपयोग करते है। ऐसे में कई बार यह ढीला रवैया आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे है। ऐसे में हरियाणा में खांसी की दवा प्लैनोकफ डी सिरप (Planokuf D Syrup) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन द्वारा खांसी की दवाई प्लानोकूफ डी सिरप में जहरीला रसायन डायथिलीन ग्लाइकॉल पाए जाने के बाद हरियाणा में दवा सुरक्षा को लेकर यह बड़ा कदम उठाया गया है।
इस गंभीर मामले पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश में सख्त मॉनिटरिंग और क्वालिटी चेक के निर्देश दिए हैं।
सीडीएससीओ की रिपोर्ट के अनुसार दवाई के एक बैच (No. R25053101) में डीईजी (DEG) की मात्रा 0.35% पाई गई है, जबकि मानक सीमा 0.1% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
डीईजी एक अत्यंत विषैला रसायन है, जो शरीर में जहर फैलाने, किडनी फेल होने, तंत्रिका तंत्र प्रभावित होने और मृत्यु तक का कारण बन सकता है, विशेष रूप से बच्चों में इसका खतरा अधिक है।
रिपोर्ट मिलते ही हरियाणा के राज्य दवा नियंत्रक ने सभी ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों को अत्यंत आवश्यक अलर्ट जारी किया।
आदेश में निर्देश दिए गए कि संबंधित बैच की तत्काल सैम्पलिंग, जांच और स्टॉक मिलने पर उसकी जब्ती सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य में किसी भी नागरिक की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदिग्ध दवाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए और सप्लाई चैन पर पूरी निगरानी रखी जाए।
आपको यह भी बता दें कि हाल ही में मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामले के बाद सभी सरकारें एक्टिव हो गई है, क्योंकि यह पूरे देश में चिंता का विषय बन चुका है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में कोलड्रिफ नाम के कफ सिरप से 18 बच्चों की मौत का आरोप है। इनमें से 16 मौतें एमपी और दो राजस्थान में हुई थी।
एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक 2022 में कफ सिरप पीने के बाद तीन देशों में 300 बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे।



