Yuva Haryana : हरियाणा सरकार राज्य में स्कूली शिक्षा व्यवस्था की सूरत बदलने की तैयारी कर रही है। नए जमाने के अनुसार एजुकेशन सिस्टम को तैयार किया जाएगा और इसके लिए सरकार नई-नई योजनाएं बना रही है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा एक नया पोर्टल तैयार करके करके टीचर्स पूल बनाया जाएगा। जब भी कोई टीचर छुट्टी पर जाएगा तो इस टीचर्स पूल की मदद से दूसरा टीचर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो सके।
सीएम नायब सैनी को प्री-बजट बैठक के दौरान ऐसे अनेक सुझाव मिले है, जिन्हें विभाग धरातल पर उतारने के लिए जुटा हुआ है। सीएम इन प्रस्तावों को बजट में शामिल कर सकते है।
पहली से पांचवी कक्षा तक खेल नीति बनाई जाएगी। मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तर्ज पर प्राइमरी स्तर तक पीटीआई नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों के खेल मैदानों में नए खेल उपकरण और खेल प्रतियोगिताएं करवाई जाएगी।
आने वाले समय में बच्चों को हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर, मधुमक्खी पालन और कृषि को शिक्षा से जोड़ा जाएगा। स्कूल में ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
एक बड़ी बात ये भी है कि अब पैरेंट-टीचर मीटिंग को ऑनलाइन किया जाएगा। स्कूल और बच्चों के अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए ऑनलाइन पीटीएम की सुविधा शुरू की जाएगी।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक बच्चों को कला संस्कृति और विरासत से जुड़ी शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाएगा। म्यूजिक, डांस, थिएटर और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा।
हर जिले में शिक्षा सदन बनाया जाएगा, यहां जिले की सभी शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएगी। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए स्कूलों में खास सुविधाएं दी जाएगी। हर बच्चे के लिए अलग से एजुकेशन प्लान बनाया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई की निगरानी के लिए विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित होंगे।
एक बड़ी जानकारी ये भी है कि सरकारी स्कूलों को हाई स्पीड इंटरनेट युक्त बनाया जाएगा ताकि ऑनलाइन लर्निंग, मॉनिटरिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही से इस्तेमाल हो सके।



