Yuva Haryana : कई सालों से ट्रांसफर के इंतजार में बैठे हरियाणा के अध्यापकों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक में नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2025 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई है। यह पॉलिसी 10 साल में तीसरी बार बदली गई है। 2025 की पॉलिसी में कई बड़े बदलाव किए गए है।
नए बदलाव
- कपल केस के 5-5 अंक अब नहीं मिलेंगे
अब एक कर्मचारी को पति या पत्नी के ड्यूटी वाले स्थान के बीच की दूरी कम करने के लिए ही 5 अंक मिल सकेंगे।
- इन जिलों में पोस्टिंग करवाने पर मिलेगा फायदा
अब शिक्षक पंचकुला जिले के मोरनी ब्लॉक, पलवल जिले के हथीन ब्लॉक और नूंह जिले में स्थित स्कूलों में काम करना जारी रखना चाहते है या पोस्टिंग का विकल्प चुनते है, तो उन्हें बेसिक पे प्लस डी ए. (नियमित शिक्षकों के लिए) का अतिरिक्त 10 प्रतिशत या प्रति माह 10,000 रुपये (गेस्ट शिक्षकों के लिए) का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
इससे पहले जिन शिक्षकों ने राज्य में कहीं भी का विकल्प चुना था और बाद में मोरनी हिल्स क्षेत्र या मेवात जिले में खाली जगहों पर पोस्टिंग दी गई थी, उन्हें भी यह लाभ मिलेगी।
- जोन खत्म किए
नई पॉलिसी के तहत सरकार ने ज़ोनिंग का कॉन्सेप्ट हटा दिया गया है। इससे शिक्षक सीधे कोई भी स्कूल चुन सकते है।
- प्रमुख दंड की अवधि के दौरान अंकों की कटौती
प्रमुख दंड की अवधि के दौरान शिक्षक के लिए 10 अंकों की कटौती की व्यवस्था भी की गई है। यदि कोई शिक्षक स्थानांतरण निर्णयों से व्यथित है, तो वह अपनी शिकायतों के निवारण के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकता है। अंत में दंपत्ति मामले में विशेष पांच योग्यता अंक अब एक कर्मचारी को पति, पत्नी के पदस्थापन स्थान के बीच की दूरी पर किसी भी प्रतिबंध के बिना उपलब्ध होंगे।
अन्य
- खाली जगहों का आवंटन प्रत्येक शिक्षक द्वारा अर्जित कुल कम्पोजिट स्कोर के आधार पर तय किया जाएगा, जिसकी गणना 80 अंकों में से की जाएगी
- आयु मुख्य कारक होगी, जिसका अधिकतम वेटेज 60 अंक का होगा
- महिलाओं, महिला-मुखिया परिवारों, विधवाओं, विधुरों, दिव्यांग व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों और छात्रों के परिणामों में सुधार दिखाने वाले शिक्षकों जैसी विशेष श्रेणियों के लिए अधिकतम 20 अंक दिए जाएंगे
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार राज्य में करीब एक लाख शिक्षक है और इनके लिए टीचर ट्रांसफर पॉलिसी तीसरी बार बनाई गई है। 10 साल में अब तक चार बार ही ऑनलाइन ट्रांसफर हुए है। पहली बार 2016 में, फिर 2017, 2019 और 2022 में हुए थे। अब तीन साल से अध्यापकों को तबादले का इंतजार हैं।



