Yuva Haryana : हरियाणा में धान सीजन के खत्म होने के करीब डेढ़ महीने बाद भी प्रदेश के हजारों आढ़तियों और मजदूरों का भुगतान पेंडिंग पड़ा है। धान घोटाले में अधिकारियों के व्यवस्त होने कारण आढ़तियों का 400 करोड़ रुपए और मजदूरों का 70 करोड़ रुपए सरकार के पास बकाया है।
आढ़त नहीं मिलने के कारण आढ़तियों में जहां रोष है तो वहीं धान सीजन खत्म होने के बाद अपने प्रदेश बिहार जा चुके मजदूर लगातार आढ़तियों को फोन करके अपनी मजदूरी मांग रहे है।
कई बार सरकार और अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। यहां तक कि मामला सीएम नायब सिंह सैनी के संज्ञान में भी डाला जा चुका है।
ऐसे में अनेक आढ़ती खुद की जेब से श्रमिकों को मजदूरी देने को मजबूर है। एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर में हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सरकार की तरफ से 55 रुपए प्रति क्विंटल आढ़त मिलती है। वहीं मजदूरों को प्रति क्विंटल करीब 32 रुपए दिए जाते है। इनका भुगतान सीधा बैंक खाते में होता है।
धान की सरकारी खरीद 15 नवंबर 2025 को बंद हो गई थी। ऐसे में आढ़तियों और मजदूरों को सीएम के आदेश पर तुरंत भुगतान होना चाहिए था क्योंकि आढ़तियों की आढ़त 15 दिनों के अंदर करनी होती है।
इस बार सरकार ने डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी न तो आढ़तियों को पूरी आढ़त दी है और न ही श्रमिकों को पूरी मजदूरी दी है। प्रदेश में 35 हजार आढ़तियों के 400 करोड़ रुपए बकाया है।
खबर ये भी है कि अब तक धान खरीद के 10 प्रतिशत किसानों का भी भुगतान अभी पेंडिंग है।



