Yuva Haryana : हरियाणा में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण पांच फरवरी से रजिस्ट्रियों का काम अटका हुआ है। प्रदेश में आधे से ज्यादा जिलों में तो रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ी है।
हालांकि, हड़ताल को देखते हुए सरकार ने डीआरओ के जरिए रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया है, लेकिन इसके बावजूद भी व्यवस्था पर खासा असर पड़ रहा है और तहसीलों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में से 10 जिलों में ही केवल 184 रजिस्ट्रियां हो पाई। बाकी 13 जिलों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
इन जिलों में इतनी हुई रजिस्ट्रियां
जींद – 53
कुरुक्षेत्र – 46
फतेहाबाद – 22
फरीदाबाद – 20
यमुनानगर – 17
नूंह – 12
महेंद्रगढ़ – 8
हिसार-हांसी – 3
झज्जर – 2
भिवानी – 1
इनके अलावा करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम, रोहतक, पलवल, पानीपत, पंचकूला, रेवाड़ी, सिरसा और दादरी सहित कई जिलों में रजिस्ट्रियां पूरी तरह से ठप पड़ी है।
जानकारी के मुताबिक 10 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रियों का काम अटका हुआ है। ऐसे में लोग बार-बार चक्कर काटने को मजबूर है। तहसीलदारों की हड़ताल के चलते रजिस्ट्री के अलावा 100 से ज्यादा ऑनलाइन सेवाएं भी प्रभावित हो रही है।
आपको बता दें कि इससे पहले हरियाणा के पटवारी भी हड़ताल पर चले गए थे। अब तहसीलदारों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रखा है। यहां तक कि सीएम तक इनकी मांगें पहुंच चुकी है।



