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हरियाणा में इस कारण धान कुटाई का काम हुआ ठप, अटकी अरबों रुपए के चावल की डिलीवरी

Yuva Haryana : हरियाणा की राइस मिलों में इन दिनों धान की कुटाई का कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। इसके चलते अरबों रुपए के चावल की डिलीवरी अटक चुकी है।

एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार हरियाणा में फोर्टिफाइड राइस कर्नल (एफआरके) की आपूर्ति के संकट के चलते राइस मिलों में धान की कुटाई का काम प्रभावित हुआ है और इसका असर भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकार की चावल डिलीवरी पर पड़ा है।

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जानकारी के अनुसार हरियाणा की करीब 1350 राइस मिलरों को कुल 5941997.09 मीट्रिक धान आवंटित किया गया था। नियम मुताबिक 67 प्रतिशत के अनुपात में करीब 3981138 मीट्रिक टन चावल सरकार को वापस देना है।

राइस मिलों में एफआरके की आपूर्ति नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया बाधित हो गई है। मिलरों का कहना है कि जनवरी की शुरुआत में ही मिलों को एफआरके दे देना चाहिए था, लेकिन अब तक इसकी आपूर्ति नहीं की गई है। ऐसे में कई राइस मिलरों ने बिना एफआरके के 10 प्रतिशत चावल की डिलीवरी भी कर दी है।

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क्या होता है एफआरके ?

  • विशेष तकनीक से तैयार किए गए पोषक चावल कण होते है
  • सामान्य चावल में एफआरके को एक प्रतिशत की मात्रा में मिलाया जाता है
  • एफआरके से चावल में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी-12 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक की मात्रा बढ़ जाती है
  • इसको मिलाने के बाद चावल की आपूर्ति की जाती है
  • 50 किलो के हर चावल बैग में एक प्रतिशत एफआरके मिलाना जरूरी

जानकारी ये भी है कि अब तीन एजेंसियों को एफआरके को लेकर टेंडर दिया गया है कि वे जल्द एफआरके की आपूर्ति करें। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द एफआरके की आपूर्ति होने से चावल डिलीवरी सुचारू हो सकेगी।

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First published on: February 03, 2026 04:47 PM

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